Delhi: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार ने ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026-2030’ का ड्राफ्ट जारी किया है. चार साल की यह नीति इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को तेजी से बढ़ावा देने, हवा की गुणवत्ता सुधारने और साफ-सुथरे ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने पर केंद्रित है. यह पॉलिसी भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 से प्रेरित है, जो स्वच्छ हवा और प्रदूषण मुक्त वातावरण को जीवन के अधिकार का हिस्सा मानती है. साथ ही, एमसी मेहता बनाम भारत संघ के फैसले और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 व मोटर वाहन अधिनियम, 1988 जैसे कानूनों का भी इसमें आधार लिया गया है.
आपके काम की 5 बड़ी बातें
दिल्ली की नई EV पॉलिसी, भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 से प्रेरित बताई जा रही है, जो स्वच्छ हवा और प्रदूषण मुक्त वातावरण को जीवन के अधिकार का हिस्सा मानती है. दिल्ली की हवा को साफ करने और प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए इसमें कई प्रावधान किए गए हैं. इस नई नीति में आम आदमी की जेब का खास ख्याल रखा गया है.
- भारी बचत: टू-व्हीलर पर ₹30,000 और ई-ऑटो पर ₹50,000 तक की सीधी सब्सिडी मिलेगी.
- टैक्स से आजादी: EV खरीदने पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100% की छूट (₹30 लाख तक की गाड़ियों पर).
- पुरानी गाड़ी बदलें, पैसा पाएं: अपनी पुरानी पेट्रोल-डीजल कार को स्क्रैप करने पर ₹1 लाख तक का ‘स्क्रैपिंग इंसेंटिव’ मिलेगा.
- सब्सिडी का सीधा फायदा: सब्सिडी का पैसा किसी दफ्तर के चक्कर काटे बिना सीधे आपके बैंक खाते (DBT) में आएगा.
- चार्जिंग की टेंशन खत्म: हर डीलर के पास चार्जिंग पॉइंट होना अनिवार्य होगा और पूरी दिल्ली में चार्जिंग नेटवर्क का जाल बिछाया जाएगा.
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