आगरा से एटा तक एनएच के निर्माण का रास्ता साफ, 685.51 करोड़ की लागत से बनेगा टू-लेन

Uttar Pradesh: आगरा के टेढ़ी बगिया से नूंहखास, एटा तक 51.600 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-321जी) के निर्माण का रास्ता साफ हो गया। 685.51 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा टू-लेन टीटीजेड क्षेत्र में पेड़ काटने की अनुमति न मिलने के कारण निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है. सुप्रीम कोर्ट से पेड़ काटने की अनुमति मिल गई है।

लोक निर्माण विभाग ने बताया कि पूर्व में 19 मार्च 2024 को इसकी वित्तीय निविदा खोली गई थी, जिसे सड़क परिवहन मंत्रालय ने 7 अगस्त 2025 को निरस्त कर दिया था। इसके बाद 26 फरवरी 2026 को नए सिरे से टेंडर आमंत्रित किए गए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में मामले की सही जांच न होने के कारण निर्माण कार्य शुरु नही हुआ। प्रोजेक्ट की भौतिक प्रगति शून्य है। प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भोपाल की एलएन मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार की है।

परियोजना में देरी का मुख्य कारण यह है कि वन विभाग की अनापत्ति न मिलना और सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामला था। संरक्षित वन क्षेत्र के लिए 24 अगस्त 2023 को ही स्टेज-1 की मंजूरी मिल चुकी थी। 27 मई 2026 को हुई पिछली सुनवाई में कोई फैसला नहीं हो सका था। टीटीजेड क्षेत्र में पेड़ों की कटाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। यहाँ से अनुमति मिलने के बाद, अब वन विभाग में स्टेज-2 की क्लीयरेंस के लिए आवेदन किया जाएगा।

बता दे कि राजमार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है। आगरा में 7 गांवों की जमीन अधिग्रहीत की गई है और मुआवजे के तौर पर 22.36 करोड़ रुपये का वितरण किया जा चुका है। वहीं, एटा के 13 गांवों में 20.24 करोड़ रुपये की कुल मुआवजा राशि 16.85 करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं। शेष 3.39 करोड़ रुपये का वितरण भूमि राशि पोर्टल के माध्यम से किया जाना बाकी है।

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