नसों में दर्द और मसल्स में ऐठन, ऐसे बनाए सर्कुलेटरी सिस्टम

Health tips: आज का युवा 25-30 की उम्र में ही बीमारियों से हांफ रहे हैं. शरीर के तमाम ऑर्गन्स के साथ उनकी नस-नाड़ियां भी वक्त से पहले बूढ़ी हो रही हैं. इसके लिए खराब लाइफस्टाइल, मौसम ज़िम्मेदार हैं. मांसपेशियों में ऐंठन (जिसे मांसपेशियों में ऐंठन भी कहा जाता है) तब होती है जब आपकी मांसपेशी अनैच्छिक और बलपूर्वक अनियंत्रित रूप से सिकुड़ जाती है और आराम नहीं कर पाती.

मांसपेशियों में ऐंठन सामान्य और काफी आम है. ये एक मांसपेशी के कुछ हिस्से या पूरी मांसपेशी या कई मांसपेशियों के समूह को प्रभावित कर सकती हैं. आपको शरीर में कहीं भी मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है. 

मसल्स में ऐंठन की क्या है वजह?

पानी की कमी- शरीर में पानी की कमी होने से मसल्स में ब्लड सप्लाई कम होती है. जिससे मांसपेशियों के मूवमेंट पर असर पड़ता है. इससे मसल्स में ऐंठन होने लगती है.

न्यूट्रिशंस की कमी- अगर शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो तो इसके भी नसों पर बुरा असर पड़ता है. सोडियम,मैग्नीशियम और पोटेशियम की कमी से नसों और मसल्स में कमजोरी आने लगती है. इससे ब्लड प्रेशर लो हो जाता है. 

मसल्स की कमजोरी कैसे दूर करें?

मसल्स को मजबूत बनाने के लिए आपको रोजाना व्यायाम करना चाहिए. विटामिन-डी से भरपूर खाना खाना चाहिए. रोजाना दिन में 4-5 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए. आंवले का सेवन भी प्रतिदन करना चाहिए. अपने वज़न को कंट्रोल रखें, खाने में कम चीनी और नमक लें. टाइट कपड़े ना पहने. मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए लौकी, नींबू, संतरा, छाछ-लस्सी और मिक्स दालें खाएं.

उपाय

पर्याप्त पानी पिएं: डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय पदार्थ पिएं.

संतुलित आहार: इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन के लिए फल और सब्जियों का सेवन करें.

शारीरिक गतिविधि बनाए रखें: शरीर को सक्रिय रखने और मांसपेशियों को ठीक से काम करने देने के लिए हल्की और नियमित कसरत करें.

धूप लें: विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए सुबह की हल्की धूप लें.

डॉक्टर से मिलें: यदि दर्द और ऐंठन बनी रहती है, तो किसी डॉक्टर से सलाह लें और मानसून की बीमारियों के प्रति सतर्क रहें.

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