आयरन की कमी से होती हैं ये बीमारियां

स्वास्थ्य। शरीर के अच्छे स्वास्थ्य के लिए विटामिन बी 12 और आयरन दो प्रमुख पोषक तत्व होते हैं। ये पोषक तत्‍व शरीर में रक्त के विकास और कार्यप्रणाली में अहम भूमिका निभाते हैं। ये दोनों ही पोषक तत्व खून की कमी से होने वाली शारीरिक बीमारियों को रोकने में भी मदद करते हैं। आयरन की कमी से एनीमिया रोग हो जाता है। शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण के लिए आयरन की बहुत अधिक आवश्यकता होती है। यदि हीमोग्लोबिन की पर्याप्त मात्रा शरीर में न हो तो शरीर के अंगों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और वे प्रभावी रूप से काम नहीं कर पाते।

इन दोनों पोषक तत्वों की कमी से कई तरह की मानसिक बीमारियों का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। अगर आप कुछ दिनों से डिप्रेशन जैसा फील कर रहे हैं तो हो सकता है कि इसके पीछे आयरन की कमी एक बड़ी वजह हो।

हीमोग्लोबिन की कमी से एनीमिया का खतरा:-

शरीर में आयरन की कमी होने पर रक्त का निर्माण प्रभावित होता है। इससे बहुत अधिक थकान महसूस होने लगती है और यह शारीरिक गतिविधियों पर भी रोक लगाता है। आयरन की कमी से रेड ब्लड सेल्स का उत्पादन ठीक से नहीं हो पाता और इसी को एनीमिया कहते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक पुरुषों के मुकाबले महिलाएं ज्यादा एनिमिक होती हैं।

डिप्रेशन और आयरन के बीच संबंध:-

अध्ययनों से पता चलता है कि आयरन की कमी से एनीमिया व्यक्ति के अवसाद के विकास के जोखिम को कई गुना बढ़ा सकता है। सेरोटोनिन की कम मात्रा, एक महत्वपूर्ण न्यूरोट्रांसमीटर और मूड स्टेबलाइज़र आयरन की कमी के कारण हो सकता है। इसके अतिरिक्त आयरन की कमी से उदासी, डिस्पेनिया, पोस्चरल हाइपोटेंशन जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। मांसपेशियों में कमजोरी, मानसिक और शारीरिक थकावट आना विटामिन बी 12 की कमी का एक बड़ा संकेत है।

विटामिन बी 12 की कमी का पता कैसे लगाएं:-

हमारा शरीर अक्सर खुद ही ज्यादातर बीमारियों का संकेत देने लगता है। विटामिन बी 12 की कमी के बारे में भी इंडीकेशन देने लगता है। अगर आपको हाथ पैरों में झुन्न चढ़ रही हो, जीभ पर छाले हो रहे हों, आपकी स्किन पीली पड़ रही हो, आंखों की रोशनी में कमी आ रही है या फिर सिरदर्द की समस्या बनी रहती है तो हो सकता है कि आपमें विटामिन बी 12 की कमी हो। विटामिन बी 12 की कमी से गर्भवती महिलाएं अक्सर अस्वस्थ्य बनी रहती हैं।

आयरन की कमी ब्रेन फॉग:-

एक्सपर्ट के अनुसार आयरन की कमी से मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। आयरन की कमी से मनोवैज्ञानिक व्यवहार भी प्रभावित होता है। आयरन का स्तर कम होने से चिंता और अवसाद सहित कई मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों के विकसित होने का खतरा बढ़ सकता है और इसकी कमी से ब्रेन फॉग की भी समस्या हो सकती है।

आयरन की कमी से हड्डियों की समस्या:-

एक्सपर्ट के अनुसार आयरन की कमी से हड्डियों का रोग भी विकसित होने लगता है। जैसे- पीठ में दर्द की शिकायत, कम में दर्द का बने रहना।

 

 

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