New Delhi: दिल्ली एनसीआर को 4 लिंक कॉरिडोर से जोड़ने की तैयारी है. राजधानी में भारी वाहनों के दबाव को घटाने और सीमावर्ती राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बड़े शहरों तक ये कॉरिडोर सीधी आवाजाही प्रदान करेंगे. बता दे कि दिल्ली मास्टर प्लान 2047 में दिल्ली में बाहरी राज्यों और सीमावर्ती शहरों से आने वाले ट्रैफिक को कम करने पर खास फोकस किया गया है. रिंग रोड के जरिये आर्बिटल रेल की तरह एनसीआर के शहरों को कनेक्ट किया जाएगा. इससे नोएडा, गाजियाबाद, लोनी, बागपत जैसे उत्तर प्रदेश के शहरों को हरियाणा में सोनीपत, पानीपत जैसे शहरों को जोड़ा जाएगा। इन कॉरिडोर से न केवल कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
दिल्ली-एनसीआर से जुड़ेगे चार नए कॉरिडोर
जानकारी के अनुसार मास्टर प्लान में प्रस्तावित चारों लिंक कॉरिडोर को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के लिए तैयार किया जाएगा। इन कॉरिडोर को बनाने का काम संबंधित सड़क एजेंसियां करेंगी। इसके लिए योजना की व्यवहारिकता देखी जाएगी और संबंधित राज्यों के साथ मिलकर काम किया जाएगा। जहां संभव होगा, इन्हें मास ट्रांजिट सिस्टम के रूप में विकसित करने को प्राथमिकता दी जाएगी।
1.पहला कॉरिडोर NH 1 GT रोड से गाजियाबाद के लोनी-बागपत एक्सप्रेसवे तक
पहला कॉरिडोर NH 1 GT रोड से गाजियाबाद के लोनी-बागपत एक्सप्रेसवे तक अर्बन एक्सटेंशन रोड-1 (UER-I) का विस्तार करके बनाया जाएगा. इससे सोनीपत, नरेला और बवाना की ओर से आने वाले वाहनों को गाजियाबाद समेत यूपी के अन्य शहरों को जाने के लिए वैकल्पिक रास्ता मिलेगा।
2. इनर रिंग रोड पर ट्रैफिक घटेगा
दिल्ली मास्टर प्लान 2047 से इनर रिंग रोड का ट्रैफिक भी घटेगा. दिल्ली के आउटर और इनर रिंग रोड, सिग्नेचर ब्रिज और वजीराबाद पुल पर वाहनों का ट्रैफिक कम होगा. इससे यमुना आरपार के इलाकों के बीच भी ट्रैफिक बेहतर होगा।
3. द्वारका से नोएडा एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी
एनएच-8 द्वारका से ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे होते हुए नोएडा एयरपोर्ट तक अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 का विस्तार कर कनेक्टिविटी बढ़ाई जाएगी. इससे आईजीआई एयरपोर्ट और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के बीच सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
दिल्ली की सड़कों पर कम होगा ट्रैफिक
इन लिंक कॉरिडोर का एक बड़ा फायदा दिल्ली की मौजूदा व्यस्त सड़कों पर देखने को मिल सकता है। रिंग रोड, सिग्नेचर ब्रिज और वजीराबाद पुल जैसे प्रमुख मार्गों पर वाहनों की निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।