Anurag Thakur: बदलते तकनीकी व इनोवेशन के दौर में वैज्ञानिक ज्ञान, समर्पण की मिसाल

Union Cabinet Meeting: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग की सराहना करते हुए प्रस्ताव पारित किया है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रेस कांफ्रेंस कर उन्‍होंने कहा कि कैबिनेट भारतीय वैज्ञानिकों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना करती है। यह केवल हमारी स्पेस एजेंसी की ही सफलता नहीं है, बल्कि यह भारत की प्रगति और वैश्विक मंच पर हमारी ताकत का प्रतीक है। कैबिनेट 23 अगस्त को ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ के रूप में मनाने के कदम का भी स्वागत करता है। कैबिनेट इसमें शामिल वैज्ञानिकों को बधाई देती है। हमारे वैज्ञानिकों के निरंतर प्रयासों की वजह से भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के समीप उतरने वाला पहला देश बन गया है। चंद्रमा पर उतरना और वह भी पूर्व निर्धारित पैरामीटर पर पूरी तरह खरा उतरना अपने आप में एक उपलब्धि है। चंद्रमा के साउथ पोल पर उतरना इस बात का प्रतीक है कि कैसे हमारे वैज्ञानिक ज्ञान की खोज के लिए कैसे हर सीमा को पार कर जाने के लिए तैयार रहते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रज्ञान रोवर के माध्‍यम से हमें जो जानकारियों का खजाना मिल रहा है उससे हमारे ज्ञान में बढ़ोतरी होगी, नई खोज का मार्ग बनेगा और चंद्रमा के बारे में हमें और ज्यादा जानकारी होगी। कैबिनेट का ये मानना है कि तेजी से बदलते तकनीक और इनोवेशन के दौर में हमारे वैज्ञानिक ज्ञान, समर्पण और एक्सपर्टीज की मिसाल हैं। उनकी एनालिटिकल क्षमता और नई खोजों के प्रति उनका कमिटमेंट उनका सांइस के प्रति समर्पण देश को आगे ले जा रहा है। सबसे बेहतर करने की भावना, नई खोज में लगे रहना, चुनौतियों से लड़ने में उनकी जीवटता से दुनिया में उनका नाम बढ़ा है। उनकी सफलता ने दूसरों को भी प्रेरित किया है।

 

मिशन चंद्रयान में महिला वैज्ञानिकों का भी बड़ा योगदान

इस दौरान उन्होंने महिला वैज्ञानिकों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मिशन चंद्रयान में महिला वैज्ञानिकों का भी बड़ा योगदान है। कैबिनेट को उनके योगदान पर गर्व है। हमें भरोसा है कि ये सफलता आने वाले वर्षों में भी महिलाओं को प्रेरित करती रहेगी। कैबिनेट पीएम मोदी को भी भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के प्रति उनके विजन और और उनके नेतृत्व के लिए बधाई देती है। पीएम मोदी के अटूट भरोसे ने हर बार हमारे वैज्ञानिकों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए संबल दिया है। बीते 22 सालों में पहले गुजरात के सीएम और फिर पीएम रहने के दौरान हर मून निशन से उनका भावात्मक लगाव रहा है। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने जब मून मिशन की घोषणा की थी तब वे गुजरात के सीएम थे। जब पहले चंद्रयान मिशन का प्रक्षेपण हुआ था तब पीएम मोदी ने इसरो जाकर वैज्ञानिकों को बधाई दी थी। बाद में जब साल 2019 में जब चंद्रयान-2 मिशन अपने लक्ष्यों को हासिल नहीं कर पाया था तब इसरो जाकर उन्होंने वैज्ञानिकों को भावनात्मक संबल दिया था।

 

 

 

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