भगवान में मन लगने का उपाय, अपनी प्रिय वस्तुओं को करें समर्पित: दिव्य मोरारी बापू

राजस्‍थान/पुष्‍कर: परम पूज्‍य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि मूर्तियों में भी भेद है। आप अष्टधातु की मूर्ति बनवाएं, सोने की मूर्ति बनवाएं, चांदी की मूर्ति बनवाएं, स्फटिक के शिवलिंग स्थापित करवाएं, कीमती-कीमती वस्तुएं लाकर चढ़ाएं। मनी लगाकर भगवान के लिए कुछ करोगे,तब मन भी लग जायेगा। श्री शिव महापुराण में एक प्रकरण आता है कि श्री सनत कुमार जी से भगवान व्यास ने प्रश्न किया कि भगवान में मन लग जाए, इसका क्या उपाय है?

श्री सनत कुमार जी ने बताया कि- बहुत छोटा-सा उपाय है जो उसका अवलंबन कर ले,उसका मन भगवान में लग जायेगा। उपाय यह है कि जो-जो वस्तुएं व्यक्ति को प्रिय हैं, वह भगवान को अर्पित करता जाए,जो अपनी प्रिय वस्तुएं भगवान को दे जाएगा,उसका मन भगवान में लग जाएगा या जो बढ़िया वस्तुएं आपको बाजार में मिले,उन्हें लाकर भगवान को अर्पित करें। जैसे आप कहीं जाते हैं, तब आपको अपने बच्चों का ध्यान रहता है कि उनके लिए कुछ लेकर जाना है,क्योंकि कोई अच्छी वस्तु प्राप्त करके बच्चे बहुत खुश होंगे, खरीदते समय आप पैसों की चिंता नहीं करते क्योंकि बच्चों से आपका स्नेह है। श्रीसनत कुमार जी ने दो बातें कहीं अपनी प्रिय चीजें भगवान को समर्पित करे या बाजार से बढ़िया चीजें खरीदकर भगवान को समर्पित करें फिर उसका मन भगवान में लगे लगने लगेगा। सभी हरि भक्तों के लिए पुष्कर आश्रम एवं गोवर्धन धाम आश्रम से साधू संतों की शुभ मंगल कामना। श्री दिव्य घनश्याम धाम,श्री गोवर्धन धाम कालोनी,दानघाटी,बड़ी परिक्रमा मार्ग,गोवर्धन,जिला-मथुरा,(उत्तर-प्रदेश) श्री दिव्य मोरारी बापू धाम सेवाट्रस्ट गनाहेड़ा पुष्कर जिला-अजमेर (राजस्थान)

 

 

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