यूपी में दो चरणों में होगी 16वीं जनगणना, 5.25 लाख से ज्यादा कर्मचारियों की होगी तैनाती

UP Census date: उत्तर प्रदेश में 16वीं जनगणना को लेकर कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है. यूपी में 2 चरणों में होगी जनगणना, जिसमें से पहला चरण 22 मई से 20 जून 2026 तक होगा और दूसरा चरण फ़रवरी 2027 में होगा.  जनगणना के अंतिम आंकड़े 1 मार्च 2027 की रात 12 बजे जारी किए जाएंगे.

पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना होगी और दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना होगी. पहले चरण में जनगणना एजेंट घर घर जाकर प्रत्येक मकान की स्थिति, परिवार को उपलब्ध सुविधाएं,  संपत्तियों की जानकारी मोबाइल ऐप के जरिए इकट्ठा करेंगे.

5.25 लाख से ज्यादा कर्मियों की ड्यूटी

बता दें कि यूपी में जनगणना के लिए 5.25लाख अधिकारी और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिसमें सभी 18 मंडल आयुक्त, 75 जिलाधिकारी के साथ-साथ 17 नगर आयुक्त, 600 जिला स्तर के अधिकारी, 1195 चार्ज अधिकारी, 285 मास्टर ट्रेनर, 6939 फील्ड ट्रेनर्स के अलावा 5 लाख पर्यवेक्षक और प्रगणक शामिल हैं.

संशोधन का पांच बार मिलेगा मौका

जनगणना निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा के अनुसार, पहले चरण में हाउसहोल्ड लेवल डेटा और दूसरे चरण में व्यक्तिगत जानकारी जुटाई जाएगी. जातीय जनगणना भी दूसरे चरण में ही कराई जाएगी, जिसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे. जनगणना के दौरान दर्ज आंकड़ों में पांच बार तक संशोधन का अवसर दिया जाएगा. हालांकि एक बार अंतिम फ्रीज होने के बाद डेटा में बदलाव संभव नहीं होगा.

देश में पहली बार डिजिटल रूप से होगी जनगणना

भारत की जनगणना 2027 देश की पहली पूरी तरह ‘डिजिटल जनगणना’ होगी. इसमें मोबाइल के जरिए डेटा जुटाया जाएगा, जिससे सही और विस्तृत जानकारी मिलेगी और बेहतर नीति बनाने में मदद मिलेगी. शनिवार को एक आधिकारिक फैक्ट-शीट में यह जानकारी दी गई. 

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस जनगणना में कई नई सुविधाएं होंगी, जैसे कि सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (सीएमएमएस) पोर्टल के जरिए लगभग रियल-टाइम निगरानी, खुद से जानकारी भरने का विकल्प और जियो-रेफरेंस्ड क्षेत्रों का व्यापक उपयोग.राजनैतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 30 अप्रैल 2025 को हुई अपनी बैठक में जनगणना 2027 में जातिगत गणना को शामिल करने का निर्णय लिया.

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