Kardameshwar mahadev temple: वाराणसी के पड़ाव कंदवा स्थित 1400 साल प्राचीन कर्दमेश्वर महादेव मंदिर के गर्भगृह में चार अदृश्य ऊर्जा रेखाएं चिह्नित की हैं. ये ऊर्जा रेखाएं मंदिर के गर्भगृह में एक दूसरे से मिल रही हैं. सर्वे के दौरान पंचक्रोशी के रामेश्वर और कपिलधारा में भी ऐसी ही ऊर्जा रेखा की पहचान की गई है.
ये सभी ऊर्जा की रेखाएं अरघे के पास गोल मुड़कर मंदिर के पिछले हिस्से में जाकर मिल जा रही हैं. वहीं, गर्भगृह में जब जलाभिषेक किया गया तो पता चला कि ये ऊर्जा रेखा शिवलिंग के आसपास तक पहुंच रही हैं और जल चढ़ाने वाले भक्तों को भी छू रही है.
इसका एक मैप भी तैयार किया गया है जिससे स्पष्ट होता है कि तीन दिशा उत्तर, दक्षिण और पश्चिम की ओर से चार अदृश्य ऊर्जा रेखाएं आ रही हैं. वहीं, मंदिर से सटे तालाब और आसपास के इलाके को मिलाकर कुल 10 रेखाओं की मैपिंग की गई है. बताया जा रहा है कि प्राचीन काल में मंदिर निर्माण का आधार यही ऊर्जा रेखाएं थीं.
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