Rajasthan: दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे पर बुधवार की रात उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब कोटपूतली के पिपली तिराहे के पास एक ट्रेलर और केमिकल से भरे टैंकर के बीच जबरदस्त भिड़ंत हो गई. हादसा इतना भीषण था कि ट्रेलर डिवाइडर लांघकर दूसरी दिशा से आ रहे टैंकर से जा टकराया. टक्कर के बाद हाईवे पर हाइड्रोजन पेरोक्साइड केमिकल का रिसाव शुरू हो गया, जिससे आसपास के इलाके में दहशत फैल गई. हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. देखते ही देखते पूरा रास्ता जाम हो गया और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया.
दमकल और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं. टैंकर में खतरनाक केमिकल होने की वजह से प्रशासन ने तुरंत एहतियात बरतते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी.
आसपास के लोगों और वाहनों को सुरक्षित दूरी पर रोक दिया गया, ताकि किसी तरह का बड़ा खतरा टाला जा सके. हादसे में टैंकर व ट्रेलर चालक घायल हो गए, जिन्हें एंबुलेंस के जरिए कोटपूतली अस्पताल पहुंचाया गया.
क्रेन की मदद से हटाया गया टैंकर
पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत क्रेन मंगवाई गई और काफी सावधानी के साथ क्षतिग्रस्त केमिकल टैंकर को सड़क किनारे हटाया गया. टैंकर में खतरनाक पदार्थ भरा होने की वजह से राहत का काम सतर्कता के साथ हुआ, ताकि किसी तरह का रिसाव न हो.
इस दौरान हाईवे पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. टैंकर हटने के बाद ट्रैफिक को धीरे-धीरे चालू किया गया. काफी मशक्कत और इंतजार के बाद जाम खुलना शुरू हुआ, लेकिन तब तक लोगों को घंटों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर टैंकर में भरा केमिकल लीक हो जाता या ब्लास्ट हो जाता, तो हालात और भी गंभीर हो सकते थे. इस हादसे ने एक बार फिर केमिकल ट्रांसपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या ऐसे खतरनाक पदार्थों की ढुलाई के दौरान पर्याप्त सावधानी बरती जा रही है? यह सवाल अब प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के सामने है.
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