Jammu Kashmir: भगवान शिव की पवित्र और केसरिया वस्त्रों से सजी छड़ी मुबारक शनिवार को श्रीनगर से पहलगाम के लिए रवाना हो गई. इसके साथ ही वार्षिक अमरनाथ यात्रा से जुड़े मुख्य धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हो गई है. इस धार्मिक यात्रा को अमरनाथ तीर्थ परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, क्योंकि इसके साथ सदियों पुरानी आध्यात्मिक परंपराएं और वैदिक रीति-रिवाज जुड़े हुए हैं।
छड़ी मुबारक 24 अगस्त को चंदनवाड़ी और 25 अगस्त को शेषनाग में रुकेगी. इसके बाद 26 और 27 अगस्त को पंचतरणी में दो रात का पड़ाव होगा. 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन सुबह छड़ी मुबारक को अमरनाथ की पवित्र गुफा में ले जाया जाएगा.
पवित्र गुफा में वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक पूजा के बीच छड़ी मुबारक की स्थापना की जाएगी. इसके बाद यह वापस पंचतरणी लौटेगी और रात वहीं विश्राम होगा. 29 अगस्त को छड़ी मुबारक शेषनाग और चंदनवाड़ी होते हुए पहलगाम के लिए रवाना होगी. 30 अगस्त को पूजा-अर्चना और विसर्जन के साथ धार्मिक अनुष्ठान पूरा होगा. इसी बीच पुंछ में बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा का पांचवां जत्था शनिवार को पहुंचा. देश के विभिन्न हिस्सों से आए करीब 2,700 श्रद्धालुओं का स्थानीय लोगों और पुंछ जिला पुलिस ने गर्मजोशी से स्वागत किया.
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