Bihar: बिहार में महिला सशक्तिकरण के लिए आज (सोमवार) बड़ा पैगाम दिया गया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कर-कमलों द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत राज्य की 25 लाख महिला लाभुकों के खातों में ₹10,000 प्रति लाभुक की दर से कुल ₹2500 करोड़ की राशि सीधे हस्तांतरित की गई. यह राशि मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जारी की गई. कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, मंत्री विजय चौधरी और ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
इन जगहों पर आयोजित हुए कार्यक्रम
जानकारी के मुताबिक, सभी 38 जिला मुख्यालय में जिला पदाधिकारियों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिला स्तर पर पदाधिकारियों और जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी अन्य 150-200 महिलाओं ने हिस्सा लिया.
जीविका के तहत 1680 संकुल स्तरीय संघों (Cluster Level Federation)में भी मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. हर संकुल स्तरीय संघ में जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी कम से कम 100 महिलाओं ने हिस्सा लिया. 70,000 ग्राम संगठनों में भी कार्यक्रम का प्रसारण किया गया.
महिलाओं को दी जाएगी 2 लाख की सहायता राशि
बिहार में महिलाएं सेल्फ डिपेंडेंट बने और खुद का रोजगार शुरू कर सके, इसके लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत उन्हें सहायता राशि दी जा रही है. पहले महिलाओं को 10-10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं. इसके बाद सरकार 2-2 लाख रुपए की सहायता राशि भी देगी. पहले फेज में 10 हजार रुपए दिए गए. दूसरे फेज में महिलाओं को 20 हजार, तीसरे में 40 हजार, चौथे फेज में 80 हजार और पांचवें और आखिरी फेज में 60 हजार रुपए की राशि दी जायेगी.
3398 वार्डों में तैनात होंगे विशेष कर्मी
जानकारी के मुताबिक, बिहार के 3398 वार्डों में विशेष कर्मी तैनात किए जायेंगे. दरअसल, महिलाओं को दो-दो लाख रुपए की राशि देने के लिए ग्रमीण और शहरी नगर निकायों के वार्ड स्तर पर जांच-पड़ताल की जाएगी. हर वार्ड में महिलाओं का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाएगा. पात्र आवेदकों की पूरी तरह पहचान की जाएगी. इसके बाद आगे की प्रकिया शुरू होगी.
1 करोड़ 60 लाख महिलाओं को मिल चुका है लाभ
ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि “आगे भी हम उन महिलाओं को, जिन्हें पहले 10,000 रुपये दिए गए हैं, उनकी समीक्षा करके 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता प्रदान करेंगे. इससे वे अपना जीवन यापन बेहतर ढंग से चला सकेंगी और स्वरोजगार स्थापित कर सकेंगी. उन्होंने बताया कि अब तक 1 करोड़ 60 लाख से अधिक महिलाओं को इस योजना के तहत 10-10 हजार रुपये दिए जा चुके हैं.
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