सर्दी से हाइपोथर्मिया, निमोनिया का खतरा बढ़ा, जानें इसका इलाज

Lifestyle: सर्दियों के महीनों में जैसे-जैसे तापमान गिरता है, निमोनिया और हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ जाता है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों में. निमोनिया एक गंभीर फेफड़ों का संक्रमण है जो खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द जैसे गंभीर लक्षण पैदा कर सकता है. वहीं अगर हाथ-पैर ठंडे हैं, और शरीर का बाकी हिस्सा नॉर्मल है तो ब्लड का प्रॉपर सर्कुलेशन ना होना इसकी वजह है. वैसे शरीर में शुगर और थायराइड का बिगड़ना भी cold intolerance की एक बड़ी वजह है. क्योंकि मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है और इससे शरीर में हीट जेनरेट नहीं हो पाती.

हाइपोथर्मिया के लक्षण
  •  कंपकंपी 
  • ठंडी और पीली त्वचा 
  •  अस्पष्ट वाणी 
  • समन्वय की हानि 
  •  उनींदापन या थकान 
  •  धीमी श्वास और हृदय गति 
  • भ्रम या स्मृति हानि 
  •  नीले या बैंगनी होंठ और उंगलियां (सायनोसिस) 
हाइपोथर्मिया के कारण क्या हैं?
  •  ठंडे मौसम में लंबे समय तक रहना 
  • ठंडे पानी में गिरने से 
  •  ठंड के मौसम में अपर्याप्त कपड़े 
  •  हवा के संपर्क में आना (विंड चिल) 
  • बिना गर्म या अपर्याप्त गर्म घरों में रहना 
  •  चिकित्सा स्थितियाँ (जैसे, मधुमेह, हाइपोथायरायडिज्म) 
  • शराब या नशीली दवाओं का नशा 
  •  थकावट या शारीरिक थकान 
शुगर होगी कंट्रोल, सर्दी रहेगी दूर

खीरा,करेला,टमाटर का जूस लें. इससे शुगर लेवल कंट्रोल में रहेगा और सर्दी भी कम लगेगी.

गिलोय-नीम का काढ़ा पीएं. ये भी सर्दी और शुगर को कंट्रोल करने में सहायक है.

मंडूकासन-वक्रासन पवनमुक्तासन करें.

15 मिनट कपालभाति करें.

थायराइड में कारगर आयुर्वेदिक उपचार

मुलेठी फायदेमंद.

तुलसी-एलोवेरा जूस.

रोजाना त्रिफला 1 चम्मच.

रात में अश्वगंधा और गर्म दूध.

धनिया के बीज पीसकर पानी में पीएं. 

इसे भी पढ़ें:-आंखों के मध्य भाग में विराजमान है आत्मा: पंकज जी महाराज

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *