Ghazipur: 83 दिवसीय जयगुरुदेव जनजागरण यात्रा ने कल सायंकाल अपने 28वें पड़ाव वि.ख. बाराचंवर के ग्राम हरदासपुर में पड़ाव किया। आज यहां आयोजित सत्संग सभा में सन्त पंकज जी महाराज ने मानव तन की प्राप्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सन्तों महात्माओं ने इसे नर नारायणी शरीर तथा ईसा मसीह ने इसे जिन्दा भगवान का घर बताया। दोनों आंखों के मध्य भाग में आत्मा विराजमान है, इसी में प्रभु की परासृष्टि को देखने की तीसरी आंख, दिव्य नेत्र है तथा आकाशवाणी अनहदवाणी सुनने का कान है।
ऊपरी मण्डलों की महिमा रामचरित मानस के माध्यम से वर्णन करते हुए कहा कि‘‘मूंदेऊ नयन त्रसित मैं भयऊ, पुनि चितिवत कौशलपुर गयऊ। मोहि बिलोकि राम मुस्काहीं।।’’ अन्तर की साधना करते समय भगवान राम प्रसन्न हो गये और अन्तर में विचित्र रचना का विस्तार देखा। इसी प्रकार आप जब बताई हुई विधि से साधना करेंगे तो आपकी दिव्य दृष्टि खुल जायेगी। आप त्रिकालदर्शी हो जायेंगे। इसलिये ऐसी अनमोल शरीर पाकर अपनी आत्मा का कल्याण करा लीजिये।
सन्त जी ने कहा कि हिंसा, अपराध का जो रास्ता आपने अपनाया है उससे बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। विश्व में घटित हो रही घटनायें परम संत बाबा जयगुरुदेव जी द्वारा सन् 70 के दशक में की गई भविष्यवाणियां विश्व युद्ध की ओर संकेत कर रही हैं। शाकाहार अपनायें शराब आदि नशा का त्याग करें। जब गांव-गांव के लोग शाकाहारी-सदाचारी हो जायेंगे और भजन करने लगेंगे तो निश्चय कलयुग में सतयुग आ जायेगा। अच्छे समाज के निर्माण में भागीदार बनिये। शांति व्यवस्था में पुलिस प्रशासन का सहयोग रहा।
इस अवसर पर मनोज गुप्ता, सदानंद राजभर, जयराम प्रजापति, विजय शंकर राय, परसिद्धन राय राजभर, शिवजी गुप्ता, जीवन राय सहयोगी संगत गोरखपुर के जयराम यादव, राम सरीख यादव, प्रहलाद, श्रीकिशुन, दयाराम, रामसिंह मौर्य आदि मौजूद रहें। कार्यक्रम के बाद जनजागरण यात्रा अगले पड़ाव कन्धौरा वि.ख. बाराचंवर के लिये प्रस्थान कर गई। यहां आज दोपहर 12 बजे से सत्संग संदेश आयोजित है।