Delhi: दिल्ली के 92 कॉलोनियों और दर्जनों प्राचीन गांवों को O-Zone से बाहर करने की मांग एक बार फिर चर्चा में आ गई है. बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और रामवीर सिंह बिधूड़ी ने मंगलवार (9 जून) को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधु से मुलाकात कर इस मुद्दे पर जल्द फैसला लेने का आग्रह किया. सांसदों का दावा है कि वर्षों से लंबित इस मामले के कारण करीब 15 लाख लोग अनिश्चितता और कार्रवाई के डर के बीच जीवन गुजार रहे हैं.
1531 काॅलोनियों को नियमित करने का आदेश
मंगलवार को मुख्यमंत्री ने भाजपा सांसदों के साथ बैठक की. यह स्पष्ट किया गया है कि इन कालोनियों के पुराने निर्माण पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. नए निर्माण होने पर डीडीए और नगर निगम कार्रवाई करेगा. लोगों से अपील है कि अंतिम निर्णय आने तक कोई निर्माण न करें.
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री में 1531 काॅलोनियों को नियमित करने का आदेश दिया है. रेखा गुप्ता सरकार ने इन कालोनियों और गांवों में सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दो हजार करोड़ रुपये का फंड जारी किया है. जल्द ही 92 काॅलोनियों और गांवों को भी ओ-जोन से बाहर किया जाएगा.
क्या कहा सांसद मनोज तिवारी ने?
सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि इन काॅलोनियों और गांवों में त्रुटिपूर्ण ओ-जोन लगा हुआ है. इसे ठीक करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दिल्ली के सभी अनधिकृत कालोनियों को नियमित किया जा रहा है. ओ-जोन में शामिल काॅलोनियों को इससे बाहर रखा गया है. ओ-जोन का अर्थ है ऐसे क्षेत्र जहां यमुना का पानी पहुंचता है.
दिल्ली में यमुना का पानी रोकने के लिए कई स्थानों पर पुश्ता का निर्माण किया गया है. उन्होंने कहा कि ओ-जोन की समस्या के लिए पूर्व की आप सरकार जिम्मेदार है. पूर्व की सरकार ने इन क्षेत्रों में बिजली के मीटर भी लगाने देती थी. भाजपा सरकार ने यह समस्या दूर की. अब आप नेता भ्रम फैला रहे हैं.
अक्षरधाम भी ओ-जोन में
आप के बुराड़ी के विधायक संजीव झा सहित कई विधायक, पार्षद और नेता सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किए हुए हैं. वह इस मामले में शोर मचा रहे हैं जिससे कि उनका कब्जा बच जाए. आप नेताओं द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम से लोगों को परेशान और भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है.
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