Delhi: देश की सुरक्षा तैयारियों को लेकर केंद्र सरकार अलर्ट मोड में है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा हालात की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. इस अहम बैठक में General Anil Chauhan (CDS), तीनों सेनाओं के प्रमुख, Samir V. Kamat (DRDO चेयरमैन) और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. बैठक का मुख्य फोकस मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच भारत की रक्षा तैयारियों, रणनीतिक योजनाओं और सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने पर रहा.
सुरक्षा परिस्थितियों पर हुई चर्चा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जो उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई, उसमें मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई है और इसके साथ ही भारत की सैन्य तैयारियों का भी व्यापक आकलन किया गया. आपको बता दें कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य युद्ध की वजह से बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच भारत की रक्षा तैयारियों को परखना और किसी भी संभावित चुनौती के लिए रणनीति तय करना था.
किन-किन अन्य मुद्दों पर हुई चर्चा?
इस बैठक में रक्षा मंत्री ने साफ कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है और किसी भी स्थिति से निपटने की क्षमता रखता है. बता दें कि बैठक में सेनाओं को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं. यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब वैश्विक स्तर पर सुरक्षा हालात तेजी से बदल रहे हैं और भारत हर स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है.
व्यापारिक मार्गों पर पड़ रहा असर
दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है. इस संघर्ष के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों पर असर पड़ा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो रहा है. यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन रास्तों में से एक माना जाता है.
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