Ambedkar Jayanti 2026: संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य सियासी हस्तियों ने उन्हें नमन किया. इसी के साथ उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे समेत अन्य सांसदों ने संसद परिसर में स्थित बीआर आंबेडकर प्रेरणा स्थल पर उन्हें श्रद्धांजलि दी.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ”भारतीय संविधान के मुख्य निर्माता और महान समाज सुधारक बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर, मैं उन्हें सादर श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं. बाबासाहेब एक न्यायविद, अर्थशास्त्री, गहन विचारक, विधि विद्वान और समतावादी सामाजिक व्यवस्था के प्रबल समर्थक थे. उन्होंने अपना जीवन समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया और उनके हित में ऐतिहासिक योगदान दिया.”
बाबा साहेब के आदर्शों को आत्मसात करें : राष्ट्रपति मुर्मू
राष्ट्रपति ने कहा, ”उन्होंने न केवल असमानताओं को दूर करने का मार्ग दिखाया, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों को मजबूत करने में भी अग्रणी भूमिका निभाई. डॉ. आंबेडकर ने महिलाओं की शिक्षा और उनके अधिकारों को प्राथमिकता दी. उनके बहुआयामी योगदान आने वाली पीढ़ियों को देश की सेवा और विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते रहेंगे. इस अवसर पर, आइए हम बाबासाहेब अंबेडकर के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने और एक न्यायपूर्ण, समावेशी और प्रगतिशील राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लें.”
राष्ट्र निर्माण में बाबा साहेब के प्रयास प्रेरणादायक : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, ”बाबासाहेब डॉ. आंबेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि. राष्ट्र निर्माण में उनके प्रयास अत्यंत प्रेरणादायक हैं. उनका जीवन और कार्य पीढ़ियों को एक न्यायपूर्ण और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करता रहेगा.”
अंबेडकर जयंती पर विकास की सौगात
इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 210 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन भी करेंगे. यह 6-लेन एक्सप्रेसवे दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय को करीब 6 घंटे से घटाकर सिर्फ ढाई घंटे कर देगा. इस परियोजना से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे व्यापार, पर्यटन और स्थानीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा.
बाबा साहेब के बारे में जानें
डॉ. भीमराव अंबेडकर को भारतीय संविधान का मुख्य निर्माता माना जाता है. उन्होंने अपने पूरे जीवन में समाज के कमजोर, वंचित और शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और उन्हें समानता दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए. उनका जीवन केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की एक मजबूत नींव है.
- संविधान निर्माण में अहम भूमिका – उन्होंने भारत को एक मजबूत, लोकतांत्रिक और अधिकार आधारित संविधान दिया.
- सामाजिक समानता के लिए संघर्ष – जातिगत भेदभाव और छुआछूत के खिलाफ आवाज उठाई और बराबरी का अधिकार दिलाने के लिए आंदोलन किए.
- शिक्षा पर विशेष जोर – उन्होंने शिक्षा को सामाजिक बदलाव का सबसे बड़ा हथियार माना और खुद कई उच्च डिग्रियां हासिल कर उदाहरण पेश किया.
- महिलाओं के अधिकारों की पैरवी – महिलाओं को संपत्ति, शिक्षा और बराबरी के अधिकार दिलाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए.
- लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत किया – स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे सिद्धांतों को भारतीय समाज की नींव बनाया.
- आर्थिक सोच और नीतियां – वे एक कुशल अर्थशास्त्री भी थे, जिन्होंने देश की आर्थिक नीतियों और विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण विचार दिए.
- श्रमिकों और किसानों के अधिकार – मजदूरों के काम के घंटे तय करने, न्यूनतम वेतन और श्रमिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर काम किया.
- धर्म और समाज सुधार – उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई और अंत में बौद्ध धर्म अपनाकर समानता का संदेश दिया.
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