Varanasi: सावन के महिने में अब तक 63 लाख शिवभक्तों ने किया बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक

Varanasi news updates: देवाधिदेव महादेव का प्रिय माह सावन और उनका ख़ास दिन सोमवार, इस दिन हर सनातनी बाबा विश्वनाथ के दर्शन को आतुर रहता है। अधिमास के कारण इस साल दो महीने तक चलने वाले सावन में 8 सोमवार पड़ेंगे। पहले 4 सोमवार के अलग अलग आंकड़ों को जोड़ दें तो केवल सोमवार के दिन ही लगभग 22 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के चौखट पर हाजिरी लगा चुके हैं। जबकि श्रावण माह में अब तक लगभग 63 लाख शिवभक्त श्री विशेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर चुके हैं। योगी सरकार द्वारा दर्शन की अच्छी व्यवस्था और सुविधाओं के विस्तार के कारण हर साल की अपेक्षा इस बार धाम में भक्तों का प्रवाह बढ़ा है।

 

50 हजार स्क्वायर मीटर में विस्तारित श्री काशी विश्वनाथ धाम इन दिनों हर हर महदेव और बोल बम के जयघोष से गूंज रहा है। बाबा के दरबार तक लगी कतार रोज नए कीर्तिमान बना रही है। काशी विश्वनाथ धाम की नव्यता और भव्यता लोगों को खूब भा रही है। बाबा के प्रांगण में खाने-पीने, रहने और जन सुविधाओं की समुचित व्यवस्था भी भक्तों को दरबार तक खींच ला रही है।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने बताया कि सावन के चौथे सोमवार को  शाम 7 बजे तक 5 लाख 5 हजार लोगों ने दर्शन कर लिए हैं। जबकि पहले सोमवार को रात 12 बजे तक 5 लाख 15 हजार, दूसरे सोमवार को 6 लाख 9 हजार और तीसरे सोमवार को 5 लाख 87 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया था। इस प्रकार चारों सोमवार को मिलाकर 22,16,000 (चौथे सोमवार का अकड़ा शाम 7 बजे तक का है) भक्तों ने विश्वनाथ धाम में पहुंचकर अपनी आस्था को प्रकट किया है।

 

बता दें कि काशी पुराधिपति शिव की नगरी सावन में भक्तों से बम-बम है। सोमवार को बाबा के दर्शन के लिए भक्त रविवार की शाम से ही कतार में लगने लगे थे। भक्तों की कतार मंदिर प्रांगण के बाहर दूर तक दिख रही थी। सावन में जहां एक तरफ शिवभक्तों का महाकुंभ काशी विश्वनाथ धाम में लग रहा है, वहीं शहर के अन्य प्रमुख शिव मंदिरों में भी भक्तों की अनवरत कतार लग रही है। इनमें बीएचयू स्थित विश्वनाथ टेंपल, महामृत्युंजय मंदिर, तिलभांडेश्वर मंदिर, कर्दमेश्वर मंदिर और मार्कण्डेय महादेव मंदिर में शिवभक्तों की भारी भीड़ रही। सभी मंदिरों पर शिवभक्तों की सुविधाओं और सुरक्षा के विशेष प्रबंध किये गये हैं।

 

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