बाबू वीर कुंवर सिंह के शौर्य, साहस और देशभक्ति की भावना को कभी भुलाया नहीं जा सकता: संजय सिंह टाइगर

Ballia: 1857 की क्रांति के नायक वीरवर बाबू कुंवर सिंह अद्वितीय योद्धा थे। विश्व इतिहास में यह एक अद्वितीय उदाहरण है जब इतनी अधिक आयु में भी एक योद्धा ने तलवार उठाकर अंग्रेजों को ललकारा और अपनी वीरता से उन्हें भयभीत कर दिया। यह बातें गुरुवार की शाम को बाबू कुंवर सिंह की जयंती पर कुंवर सिंह चौराहे पर आयोजित विजयोत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आरा के विधायक व मंत्री संजय सिंह टाइगर ने कही। उन्होंने कहा कि बाबू वीर कुंवर सिंह के शौर्य, साहस और देशभक्ति की भावना को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। उन्होने कहा कि बाबू वीर कुंवर सिंह ने 80 वर्ष की उम्र में भी अद्मय साहस से 23 अप्रैल 1858 को अंग्रेज कैप्टन ली ग्रैंड की अंग्रेजी सेना को हराकर जगदीशपुर में पुनः अपना झंडा फहराया था। जीत के बाद लोगों ने विजयोत्सव मनाया था और उस समय से ही हर वर्ष 23 अप्रैल को विजयोत्सव सह शौर्य दिवस के रूप में हम सब मनाते हैं।‌ यह 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में उनके ऐतिहासिक जीत और वीरता का प्रतीक है। कार्यक्रम के आयोजक परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि वीरवर कुंवर सिंह साहस और आत्मसम्मान के प्रतीक थे। देश की आजादी में उनके द्वारा दिए गए बलिदान को सदैव याद किया जाता रहेगा। 80 वर्ष की आयु में जो अदम्य साहस का परिचय उन्होंने दिया उसने पूरे देश में क्रांति ला दिया। इस दौरान मंत्री द्वय व अन्य अतिथियों ने वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मंत्री संजय सिंह टाइगर को अंगवस्त्रम व माला पहनाकर सम्मानित किया। मंत्री ने सभी अतिथियों व कार्यक्रम में आए लोगों को अंगवस्त्रम व मोमेंटो प्रदान किया।‌ अध्यक्षता कुंवर सिंह पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अशोक सिंह व संचालन सुरजीत सिंह परमार ने किया। कार्यक्रम के संयोजक के रूप में कुंवर सिंह पीजी कॉलेज छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में शशि प्रेमदेव, अखिलेश सिंह, अरुण सिंह बंटू, राजेश सिंह, संतोष सिंह, अमरीश पांडेय, गोला सिंह, अरविंद सिंह आदि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *