Religion: हिंदू धर्म में भाद्रपद माह की पहली एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक एकादशी का व्रत करने से श्री हरि विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इसके साथ ही घर में सदैव सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली बनी रहती है। प्रत्येक माह में दो बार एकादशी व्रत रखा जाता है एक शुक्ल और दूसरा कृष्ण पक्ष में दोनों ही एकादशी का खास महत्व होता है। ऐसे ही भाद्रपद माह में आने वाली एकादशी अत्यंत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह माह भगवान विष्णु की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। जानिए भाद्रपद माह की पहली एकादशी और पूजा विधि
कब है भाद्रपद माह की पहली एकादशी
पंचांग के मुताबिक भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की पहली एकादशी यानी अजा एकादशी 7 सितंबर को मनाई जाएगी। इसी दिन श्रद्धालु एकादशी का व्रत रखेंगे।
पूजा विधि
एकादशी वाले दिन प्रात:काल उठकर स्नान आदि कर के साफ-सुथरा कपड़ा पहन लें। संभव हो तो पीले रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद नारायण का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। अब मंदिर या पूजा स्थल को साफ कर के गंगाजल छिड़क कर शुद्ध कर लें। फिर एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं और उस पर विष्णु जी और माता लक्ष्मी की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। भगवान विष्णु को पीला चंदन, रोली, अक्षत (चावल), पीले फूल और मौली अर्पित करें। इसके बाद शुद्ध देसी घी का दीपक और धूप जलाएं। विष्णु जी को फल, मिष्ठान और पंजीरी का भोग लगाएं। भोग में तुलसी पत्ता जरूर रखें। इसके बिना भोग पूरा नहीं माना जाता है।
अजा एकादशी व्रत की कथा का पाठ करें या सुनें। ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें। भगवान विष्णु जी की आरती के साथ पूजा का समापन करें।