Indian Railways: अगर आप दशहरा-दीवाली में ट्रेन से घर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए है। त्योहारों पर भीड़ बढ़ने के कारण भारतीय रेलवे, खासकर सेंट्रल रेलवे ने 1 से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष टिकट चेकिंग अभियान चलाने का फैसला किया है। इस दौरान हर टिकट की वैधता और असली-नकली की बारीकी से जांच होगी।
किन यात्रियों पर रहेगी ज्यादा नजर?
- रियायती टिकट वाले: सीनियर सिटीजन, दिव्यांग, स्टूडेंट या किसी अन्य कंसेशन पर टिकट लेने वालों को अपना मूल पहचान पत्र और कंसेशन से जुड़ा प्रमाण पत्र साथ रखना अनिवार्य है।
- एक से ज्यादा यात्री: अगर एक टिकट पर परिवार के 3-4 लोग सफर कर रहे हैं, तो कम से कम एक यात्री के पास ओरिजिनल फोटो ID होना ही चाहिए।
- e-Pass और PTO वाले: ये रेलवे कर्मचारियों और रिटायर्ड कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधा है। इन पर सफर करने वालों को यात्रा से पहले e-Pass/PTO को बुकिंग काउंटर से रिजर्वेशन में बदलवाना (Exchange) जरूरी है, और साथ में सर्विस ID कार्ड भी रखना होगा।
दस्तावेज नहीं दिखाया तो क्या होगा?
रेलवे के नियम के अनुसार, अगर आप वैध ID या पात्रता का प्रमाण नहीं दिखा पाए तो आपको बिना टिकट माना जाएगा। आपसे अगले स्टेशन तक का किराया + ₹250 से ₹500 तक जुर्माना वसूला जाएगा। अगर आप PTO / e-Pass का गलत इस्तेमाल करते पकड़े गए तो विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है।
यात्रा में कौन-कौन से ID मान्य होंगे?
- रेलवे ने 10 तरह के ID मान्य किए हैं, जिसमें आधार कार्ड, वोटर ID, पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस
- केंद्र/राज्य सरकार का फोटो ID, छात्र ID (मान्यता प्राप्त स्कूल/कॉलेज का)
- फोटो वाली राष्ट्रीयकृत बैंक की पासबुक, लेमिनेटेड फोटो वाला क्रेडिट कार्ड
यात्रियों के लिए टिप्स
- टिकट का प्रिंट या IRCTC का मैसेज के साथ ओरिजिनल ID हमेशा हाथ में रखें।
- PTO/e-Pass वालों के लिए एक्सचेंज स्लिप सबसे जरूरी दस्तावेज है।
- फोटोकॉपी या मोबाइल में फोटो मान्य नहीं होगी, ओरिजिनल ID ही दिखानी होगी।
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