प्रातःकाल प्राप्‍त किया जा सकता है ध्‍यान का सच्‍चा आनंद: दिव्‍य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि मन पर अन्धविश्वास करने वाला…

विशाल और नयन स्नेहिल हृदय वाले मनुष्‍य को प्राप्‍त होती है प्रभु की कृपा: दिव्‍य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि भगवान श्रीगणेशजी विवेक प्रदान करने…

संयम और सादगी से ही जीवन में शान्ति और सन्तोष का होता है अनुभव: दिव्‍य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि जीव का स्वभाव ठीक नहीं…

कथा का श्रवण दुवृत्ति की समाप्ति के लिए करें न की पुण्य की प्राप्ति के लिए: दिव्‍य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि ।।श्रीशिवमहापुराण कथा में सतीखण्ड नवधाभक्ति,पार्वतीखण्ड…

आत्‍मदृष्टि रखने से प्रकट होने वाला प्रेम प्रभु के पास पहुंचने में होता है सहायक: दिव्‍य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि सत्संग से युक्त होकर सद्भाव…

जहां आचार-विचार की शुद्धता, वहीं हैं भक्ति की परिपुष्टि: दिव्‍य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि शिव के लिये ही शिव…

भक्ति, ज्ञान और वैराग्य से परिपूर्ण है महाशिवपुराण: दिव्‍य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि शौनकादि ऋषियों ने सूत जी…

इन्द्रियों के द्वार पर प्रभु को विराजमान करने पर मिलती है शांति: दिव्‍य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि जरासंध और द्वारिका-जरासंध के जब…

हृदय में अमृत संचित होने पर ही मिलेगी प्रभु की कृपा: दिव्‍य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि स्वदोष-दर्शन-जिसे स्वयं की प्रशंसा ही…

प्रातः काल ही प्राप्त किया जा सकता है ध्यान का सच्चा आनंद: दिव्‍य मोरारी बापू

Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि बाल और प्राण-मक्खन में फंसे…