डबल इंजन सरकार का दम… विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा मध्यप्रदेश? जानें विस्तार से

MP News: ‘डबल इंजन की सरकार…,’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस वक्त यह वाक्य कहा था उस वक्त भले ही यह वाक्य आम नागरिकों-राजनेताओं को अजीब लगा हो अथवा समझ में ही न आया हो, लेकिन, पीएम मोदी इस वाक्य का दूरगामी परिणाम जानते थे. आज यह वाक्य देश के हर राज्य में गूंजता है. इस तरह के कई अद्भुत वाक्यों का आविष्कार करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यकाल के 12 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं. सफलतापूर्वक इसलिए कहेंगे, क्योंकि जिन कामों को लेकर ये माना जा रहा था कि चाहे कुछ भी हो जाए, वो काम पूरे नहीं होंगे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वही काम तय समय सीमा में किए. इसमें राम राजा सरकार का अयोध्या मंदिर और धारा 370 को गिना जा सकता है.  

नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा मध्य प्रदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की राज्य सरकार की समन्वित नीतियों, सुधारों और जन-कल्याणकारी योजनाओं ने राज्य को आर्थिक, औद्योगिक, कृषि और कई क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की भावना से प्रेरित डबल इंजन सरकार का यह प्रयास एमपी को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर मजबूती से ले जा रहा है.

केन्द्र सरकार की अनेक योजनाओं में एमपी का प्रदर्शन बेहतर

मोदी सरकार की मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत जैसी अनेकों योजनाओं का लाभ मध्यप्रदेश को मिल रहा है. टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और एग्रीटेक क्षेत्रों में नई यूनिट्स स्थापित हो रही हैं, जिससे लाखों रोजगार सृजित हो रहे हैं. पीएम जन- धन योजना में मध्यप्रदेश में 4.69 करोड़ से अधिक खाते खुले जिससे डीबीटी के माध्यम से वित्तीय समावेशन को महजबूती मिली है. इसी तरह से प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के माधयम से मध्यप्रदेश में 89 लाख से अधिक कनेक्शन मिले जिससे महिलाओं को रसोई गैस के धुंए से मुक्ति मिली. केन्द्र की मोदी सरकार के जल जीवन मिशन से भी मध्यप्रदेश में हर घर नल से जल का संकल्प साकार हुआ है जिससे प्रदेश के 1 करोड़ 11 लाख परिवार सीधे लाभान्वित हुए हैं.

पीएम मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि योजना से उद्यमियों को मिली राहत

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों उद्यमियों को आर्थिक सहयोग मिल रहा है.  वित्तीय वर्ष 2025 -26 में मध्यप्रदेश में इस योजना में जहाँ 32.41 लाख लाभार्थियों को ऋण वितरित किये गए वहीं  वित्तीय वर्ष 202 -27  में यह आंकड़ा 4.82 लाख तक पहुँच चुका है. पीएम स्वनिधि योजना भी छोटे व्यापारियों के लिए बड़ा सहारा बनी.  इस योजना के माध्यम से प्रदेश के 15.87 लाख प्रकरणों में 2679.49 करोड़ रु का ऋण वितरण किया गया है.

कृषि, ग्रामीण विकास, शहरी विकास को मिली रफ़्तार 

मोदी सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनाओं और मोहन सरकार की मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजनाओं ने किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, कृषि यंत्रीकरण तथा फसल बीमा जैसी योजनाओं से किसानों को लाभ मिल रहा है जिसके परिणामस्वरूप कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है. प्रदेश में डिजिटल कृषि सेवा से एक तरफ जहाँ किसान सशक्त हो रहे हैं.

शिक्षा, स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बेहतर कार्य

प्रदेश में एमबीबीएस की 5500 और स्नातकोत्तर की 2862 सीटों में वृद्धि हुई है. मैहर , मऊगंज , पांढुर्णा में 3 नए अस्पतालों की स्वीकृति से  जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही है. मोहन सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए संकल्पित है. सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव और सुरक्षित भविष्य प्रदान करने की दिशा में HVP टीकाकरण अभियान में एमपी आज देश के शीर्षस्थ राज्यों में शामिल हुआ है.

राज्य में हवाई सेवाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए हवाई सेवाओं का व्यापक विस्तार शुरू किया है. मार्च 2024 में प्रधानमंत्री (पीएमश्री) पर्यटन वायु सेवा और पीएमश्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा का शुभारंभ हुआ जो लोक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर आधारित है. यह योजना भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा, सिंगरौली और खजुराहो जैसे आठ प्रमुख शहरों को जोड़ती है. यह विस्तार न केवल तीर्थयात्रियों की सुविधा बढ़ा रहा है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति दे रहा है. मोहन के दौर का मध्यप्रदेश अब ‘आकाशमार्ग से तीर्थयात्रा’ का नया अध्याय लिख रहा है जो आस्था और आधुनिकता का अनूठा संगम है.

मध्य प्रदेश में नक्सलवाद का अंत

डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा निर्धारित समय-सीमा से पहले ही प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कर दिया है. बालाघाट समेत प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों ने सघनता से इस अभियान को सफल बनाया है. यह उपलब्धि न केवल कानून-व्यवस्था की मजबूती दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शांति और समृद्धि का आधार भी तैयार कर रही है.

गरीब, युवा, किसान और महिला सबका विकास

मध्यप्रदेश नई शिक्षा नीति को लागू करने, सकल पंजीयन दर बढ़ाने और खनिज क्षेत्र में देश में अव्वल रहा है. महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन और उद्यमिता कार्यक्रम राज्य में महिलाओं को समाज की मुख्यधरा से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं. डॉ.मोहन यादव का नेतृत्व महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक आदर्श बनकर उभरा है.

महिलाओं के सशक्तिकरण में लाड़ली बहना योजना और महिला स्वावलंबन मिशन जैसी योजनाएँ आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं. मोहन के कार्यकाल में लाड़ली बहना योजना में मासिक सहायता 1250 रु से बढ़ाकर 1500 रु हो गई है. सरकारी भर्ती में महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण, लखपति दीदी मिशन ने महिलाओं को आज समाज की मुख्यधारा में लाने का कार्य किया है.

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