Gujrat: अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस में हाईकोर्ट ने 38 लोगों की फांसी की सजा को बरकरार रखा है. अदालत ने 11 दोषियों की आजीवन कारावास को भी बरकरार रखा है. दरअसल, साल 2022 में विशेष अदालत ने 38 दोषियों को फांसी की सजा और 11 को उम्र कैद की सजा सुनाई थी, जिसपर हाई कोर्ट ने अपनी मुहर लगा दी है.
बता दें कि अहमदाबाद के 21 स्थानों पर बम धमाके हुए थे. इसमें हाटकेश्वर, नरोल सर्कल, खड़िया, नरोदा, जवाहर चौक, गोविंद वाली, बापा नगर, इसनपुर, सिविल हास्पिटल, ठक्कर, एलजी अस्पताल, रायपुर चकला, सारंगपुर और सरखेज और भीड़भाड़ वाले इलाके में साइकिल और कारों में टिफिन बमों के जरिए धमाके किये गए थे. जिनमें 56 लोगों की मौत हो गई थी और 200 से ज्यादा घायल हुए थे.
अदालत के सामने 1100 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज हुए थे. सुनवाई के दौरान 7 बार जज बदल गए थे. स्पेशल कोर्ट ने बम धमाके के केस में 8 फरवरी 2022 को फैसला सुनाया था. इसमें 28 आरोपियों को बरी कर दिया था और 49 आरोपियों को दोषी ठहराया गया था.
इसी के साथ हाई कोर्ट ने पीड़ितों को मुआवजा देने का भी आदेश दिया है. मारे गए 56 लोगों के परिवार को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा और 200 से ज्यादा घायलों को 1-1 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. बसों, अस्पतालों और बाजारों में ये बम रखे गए थे, जहां भारी भीड़ जमा होती है. कहा जाता है कि ये धमाके साल 2002 गुजरात दंगों का बदला लेने के लिए किए गए थे.
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