Gujarat: अंतरराज्यीय ईरानी गैंग के मुख्य आरोपी आबिद अली उर्फ राजू उर्फ ‘रहमान डकैत’ पुलिस के हत्थे चढ़ गया है. वह पिछले 20 साल से लगातार पुलिस को धोखा दे रहा था. सूरत क्राइम ब्रांच ने एक सीक्रेट ऑपरेशन के तहत उसे सूरत के लालगेट इलाके से गिरफ्तार कर लिया. यह गिरफ्तारी बिना एक भी गोली चले हुई, जिसने पुलिस अधिकारियों को भी राहत दी है.
14 राज्यों में फैला था क्राइम नेटवर्क
रहमान डकैत पिछले करीब 20 सालों से अपराध की दुनिया में सक्रिय था. वह 14 राज्यों में फैले अपने इंटर-स्टेट क्राइम नेटवर्क का सरगना था. अलग-अलग भेष बदलकर वारदात करना उसकी खास पहचान थी. कभी वह नकली CBI अफसर बन जाता, तो कभी साधु या बावड़ी के वेश में लोगों को ठगता और लूटपाट करता था.
‘ईरानी डेरा’ गैंग का मास्टरमाइंड
पुलिस के मुताबिक, रहमान डकैत ‘ईरानी डेरा’ नाम के कुख्यात गैंग का मेन मास्टरमाइंड है. यह गैंग भोपाल से ऑपरेट होता था और लूट, ठगी, आगजनी जैसी गंभीर वारदातों को अंजाम देता था. कई मामलों में आरोपी पर MCOCA जैसे कड़े कानून भी लगाए गए हैं.
लूट से मिले पैसों से रहमान डकैत लग्जरी लाइफ जीता था. उसे महंगी कारें, स्पोर्ट्स बाइक और यहां तक कि अरबी घोड़ों का भी शौक था. पुलिस का कहना है कि अपराध की कमाई से वह आलीशान जिंदगी जी रहा था और इसी वजह से लंबे समय तक शक के घेरे से बाहर रहा.
गिरफ्तारी से बचने के लिए महिलाओं और बच्चों का करता था इस्तेमाल
जब भी पुलिस उसके ठिकानों पर छापा मारती थी, तो उसका गिहोर बेहद चालाकी से रणनीति बदल लेता था. कार्रवाई को नाकाम करने के लिए महिलाओं और बच्चों को आगे कर देते थे, और मुख्य आरोपी पीछे के रास्तों से भाग जाता था. दिसंबर में भोपाल पुलिस ने लगभग 150 जवानों के साथ एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया और ईरानी बस्ती पर छापा मारा. लेकिन तब भी राजू उसी चाल का इस्तेमाल करके भागने में कामयाब रहा, जबकि दो दर्जन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया.
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