तनाव और अनिद्रा से है परेशान, रोज 10 मिनट करें शवासन, मिलेगा गहरा सुकून

Health: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम का दबाव, लगातार मोबाइल-लैपटॉप का इस्तेमाल और घंटों एक ही जगह बैठे रहने की आदत शरीर और दिमाग दोनों पर असर डालती है। दिन खत्म होने तक थकान, तनाव और बेचैनी महसूस होना आम हो गया है। ऐसे में योग का शवासन शरीर को आराम देने और मन को शांत करने वाली सरल मुद्रा मानी जाती है। खास बात यह है कि इसे करने के लिए किसी कठिन योग मुद्रा या ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं होती. शवासन को योग की विश्राम मुद्रा कहा जाता है।

इसमें व्यक्ति पीठ के बल लेटकर अपने पूरे शरीर को ढीला छोड़ देता है. ‘शवासन’ शब्द ‘शव’ से बना है, जिसका अर्थ मृत शरीर होता है। इस मुद्रा में शरीर को बिल्कुल स्थिर और ढीला रखा जाता है। हालांकि, देखने में यह जितना आसान लगता है, इसे सही तरीके से करना उतना ही चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

शवासन कैसे करें

शवासन के लिए सबसे पहले किसी शांत और समतल जगह पर योग मैट बिछाकर पीठ के बल सीधे लेट जाएं. दोनों पैरों के बीच थोड़ा अंतर रखें और हाथों को शरीर से थोड़ी दूरी पर आराम की स्थिति में रखें. हथेलियां ऊपर की ओर रहें। अब अपनी आंखें बंद करें और शरीर को धीरे-धीरे ढीला छोड़ना शुरू करें. सिर, गर्दन, कंधे, हाथ, पैर और शरीर की दूसरी मांसपेशियों में किसी तरह का तनाव न रखें।

इसके बाद अपना ध्यान सांसों पर लगाएं और सामान्य तरीके से धीरे-धीरे सांस लेते रहें. इस दौरान शरीर को ज्यादा हिलाने-डुलाने से बचें और मन को भी शांत रखने की कोशिश करें। किसी दूसरे काम या विचार पर ध्यान देने के बजाय अपनी सांस और शरीर के आराम को महसूस करें। कुछ समय इसी स्थिति में रहने के बाद धीरे-धीरे हाथ-पैरों को हिलाएं. फिर आराम से करवट लें और इसके बाद उठकर बैठें. शवासन करते समय जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।

तनाव और चिंता कम करने में मदद

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, शवासन तनाव और चिंता को कम करने में मदद करता है। दिनभर के काम के बाद कुछ समय इस मुद्रा में बिताने से शरीर को आराम देने और मानसिक तनाव कम करने में सहायता मिल सकती है। लगातार काम और स्क्रीन के इस्तेमाल से होने वाली मानसिक थकान के बीच यह एक सरल रिलैक्सेशन अभ्यास के तौर पर किया जा सकता है।

 ब्लड प्रेशर और हृदय स्वास्थ्य

शवासन के दौरान शरीर को पूरी तरह आराम देने और सांसों पर ध्यान केंद्रित करने से तनाव कम करने में मदद मिल सकती है. आयुष मंत्रालय के अनुसार, शवासन ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और हृदय के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में भी सहायक है। हालांकि, ब्लड प्रेशर या हृदय से जुड़ी बीमारी से परेशान लोगों को इसे किसी उपचार के विकल्प के तौर पर नहीं लेना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

शवासन करते समय इन सावधानियों का रखें ध्यान

शवासन आसान जरूर है, लेकिन इसे करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अभ्यास के दौरान सोने की कोशिश न करें. इसका उद्देश्य जागरूक रहते हुए शरीर और मन को आराम देना है। गर्भवती महिलाओं और कमर दर्द से परेशान लोगों को शवासन करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।

इसी तरह अगर किसी व्यक्ति को पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले डॉक्टर या योग्य योग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *