Health News: दिवाली पर पटाखे और आतिशबाजी का अपना ही मजा है, लेकिन इसका धुआं सेहत के लिए जहर से कम नहीं. पटाखों से निकलने वाले PM2.5, PM10, कार्बन मोनोऑक्साइड और भारी धातुओं के कण सांस के जरिए सीधे फेफड़ों और दिल तक पहुंचते हैं. डॉक्टरों के मुताबिक इन 5 तरह के लोगों को दिवाली पर पटाखों से सबसे ज्यादा दूरी बनानी चाहिए.
1. अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और COPD के मरीज
जिन्हें दमा, ब्रोंकाइटिस या COPD है, उनके लिए धुआं सबसे खतरनाक है. ये प्रदूषक सांस की नली में सूजन और जलन बढ़ा देते हैं. इससे सीने में जकड़न, तेज खांसी और सांस लेने में दिक्कत होती है, कई बार तो अस्थमा अटैक तक आ जाता है.
2. गर्भवती महिलाएं
प्रेग्नेंट महिलाओं को पटाखों के धुएं से बचना चाहिए. धुएं में मौजूद केमिकल और भारी धातुएं गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास पर बुरा असर डाल सकती हैं.
3. छोटे बच्चे
बच्चों के फेफड़े अभी बन रहे होते हैं और वो बड़ों के मुकाबले तेजी से सांस लेते हैं. इसलिए बारीक जहरीले कण उनके शरीर में जल्दी पहुंचते हैं. इससे गले में जलन, खांसी और सांस फूलने की समस्या हो सकती है.
4. दिल के मरीज
पटाखों से निकलने वाले बारीक कण दिल के मरीजों में ब्लड प्रेशर बढ़ा देते हैं और शरीर में सूजन पैदा करते हैं. ज्यादा देर धुएं में रहने से हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है.
5. बुजुर्ग लोग
उम्र बढ़ने के साथ फेफड़ों की क्षमता और इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है. बुजुर्गों को धुएं में सांस लेने में ज्यादा तकलीफ होती है और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है.
बचाव कैसे करें?
- दिवाली की शाम घर के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें.
- घर में एयर प्यूरीफायर चलाएं.
- पटाखे जलाने वाली जगह से दूर रहें.
- बाहर जाना पड़े तो N95 मास्क जरूर पहनें.
- सांस फूलने, खांसी या सीने में दर्द हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें.
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