Jammu kashmir: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को एक बार फिर जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की कमान सौंपी गई है. उन्हें लगातार 5वीं बार पार्टी का अध्यक्ष चुना गया है. उनका पिछला 3 साल का कार्यकाल 3 नवंबर को खत्म हो गया था, जिसके बाद पार्टी ने नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की थी.
श्रीनगर में सर्वसम्मति से चुनाव
श्रीनगर में चुनाव बोर्ड के अध्यक्ष अब्दुल रहमान वीरी की देखरेख में चुनाव प्रक्रिया पूरी हुई. वरिष्ठ नेता अब्दुल रहमान वीरी ने ही महबूबा मुफ्ती के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका मोहम्मद खुर्शीद आलम ने समर्थन किया.खास बात ये रही कि महबूबा मुफ्ती के अलावा किसी और नेता ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन ही नहीं भरा. इसलिए उन्हें सर्वसम्मति से निर्विरोध चुन लिया गया. जम्मू के निर्वाचक मंडल के सदस्यों ने ऑनलाइन माध्यम से मतदान में हिस्सा लेकर उनके नाम पर मुहर लगाई.
2002 से संभाल रही हैं PDP की कमान
महबूबा मुफ्ती का PDP से नाता पार्टी की शुरुआत से है. उन्होंने अपने पिता और पूर्व CM मुफ्ती मोहम्मद सईद के साथ मिलकर PDP की स्थापना की थी और साल 2002 से ही वह पार्टी अध्यक्ष हैं.महबूबा मुफ्ती अप्रैल 2016 से जून 2018 तक जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री भी रह चुकी हैं. वह राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं. उस दौरान PDP ने BJP के साथ गठबंधन सरकार चलाई थी, जो जून 2018 में टूट गई थी.
क्षेत्रीय राजनीति में क्यों अहम है ये फैसला?
महबूबा को ऐसे समय में फिर से कमान मिली है जब जम्मू-कश्मीर में सियासी हलचल तेज है. नेशनल कॉन्फ्रेंस में भी अंदरूनी खींचतान चल रही है.ऐसे में लगातार 5वीं बार अध्यक्ष बनना PDP के लिए स्थिरता का संकेत है. अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, बिखरे कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और बदलते जम्मू-कश्मीर में PDP को फिर से प्रासंगिक बनाने की होगी.
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