छात्रों को मिली बड़ी राहत, अब ऑनलाइन भी उपलब्ध NCERT की 9वीं की किताबें

NCERT Class 9 Books : देश के कई हिस्सों में एनसीईआरटी की नौवीं कक्षा की नई किताबों की कमी की खबरों के बीच एनसीईआरटी ने छात्रों के लिए राहत भरा कदम उठाया है. ऐसे में परिषद ने घोषणा करते हुए कहा कि कक्षा 9 की सभी नई पाठ्य पुस्तक अब ऑनलाइन उपलब्ध करा दी गई है, ताकि बच्‍चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और छात्र समय पर सिलेबस शुरू कर सके. प्राप्‍त जानकारी के अनुसार, नए सत्र की शुरुआत के साथ कई राज्यों में इन किताबों की प्रिंट कॉपी बाजार में पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाई है. ऐसे में स्कूलों में पढ़ाई शुरू करने में दिक्कत आ रही है. इसी स्थिति को देखते हुए एनसीईआरटी ने डिजिटल ऑप्शन जारी किया है.

डिजिटल फॉर्मेट में किताबें उपलब्ध कराने का मकसद

इस दौरान एनसीईआरटी का कहना है कि छात्र ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर कक्षा 9वीं की किताबों की सॉफ्ट कॉपी डाउनलोड कर सकते हैं. बता दें कि इनमें संस्कृत, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, हिंदी, उर्दू और फिजिकल एजुकेशन विषयों की किताबें शामिल है. इसके साथ ही परिषद ने ये भी कहा कि डिजिटल फॉर्मेट में किताबें उपलब्ध कराने का मकसद यह है कि छात्र कहीं से भी और कभी भी पढ़ाई जारी रख सके और सिलेबस में देरी न हो.

डिजिटल सुविधा नहीं होने से दिक्कतें

इसके साथ ही कई राज्यों से सामने आई रिपोर्ट का कहना है कि नई किताबें अभी तक बुक स्टोर्स में आसानी से उपलब्ध नहीं है और इसका असर सीधे तौर पर क्लासरूम टीचिंग पर पढ़ रहा है. इतना ही नही बल्कि कुछ शिक्षकों का मानना है कि सिलेबस तो अपडेट मिल चुका है, लेकिन किताबें न होने से पढ़ाई व्यवस्थित तरीके से शुरू करना मुश्किल हो रहा है. साथ ही निजी स्कूलों के शिक्षकों ने भी माना की ऑनलाइन किताबें मददगार है, लेकिन सभी छात्रों को पास डिजिटल सुविधा नहीं होने से दिक्कतें अभी भी बनी हुई है.

ऑनलाइन किताबें पूरी तरह नहीं समाधान

ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले छात्रों के लिए ऑनलाइन किताबें पूरी तरह समाधान नहीं बन पा रही है. इसे लेकर कई छात्रों का कहना है कि इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर होने के कारण पूरी किताब डाउनलोड करना आसान नहीं है. क्‍योंकि कुछ जगहों पर छात्र मोबाइल के जरिए पीडीएफ शेयर कर पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन नियमित पढ़ाई के लिए यह तरीका पर्याप्त नहीं माना जा रहा है. फिलहाल जिनके पास इंटरनेट और डिवाइस की सुविधा है. इससे पढ़ाई पूरी तरह रुकने से बची है. फिर भी स्कूलों और टीचर्स का मानना है कि लंबे समय के लिए प्रिंटेड किताबें जरूरी है, क्योंकि हर छात्र के पास डिजिटल संसाधन उपलब्ध नहीं है.

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