Ghazipur: जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था, मथुरा से संत पंकज जी महाराज, 83 दिवसीय जनजागरण यात्रा के साथ 68वें पड़ाव पर कल सायंकाल ग्राम ताजपुर मांझा वि.ख. जमानियां पहुंचे। आज सत्संग कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बड़े सौभाग्य से आपको यह मानव शरीर मिला है। इससे अपना लोक-परलोक दोनों बना लें। ‘‘गुरु बिन भव निधि तरै न कोई, जो बिरंचि शंकर सम होई।’’ कलयुग में और युगों की साधना सम्भव नहीं है, क्योंकि आपके पास न तो उतना समय है और न ही सामर्थ्य है। संत महात्मा जिनको प्रभु ने दया करके जीवों के उद्धार के लिये भेजा, कलयुग की सरल साधना ‘‘सुरत शब्द नाम योग’’ जारी किया।
आप लोग ऐसे संत महात्मा की खोज करके, रास्ता लेकर साधना-भजन कर लें, अपने निज घर निकल चलें। गुरु जब नामदान देते हैं उसी समय से वह शब्द रूप से सत्संगी के अंग संग हो जाते हैं और हर क्षण सम्भाल करते रहते हैं। घर-परिवार में रहकर हमेशा समझो कि कोई भी परिवारजन आपका नहीं है और नहीं आप किसी के हो। यह कर्म-कर्जा लेने और देने का सौहार्द है जिस दिन पूरा होगा साथ छूट जायेगा। इसे हमेशा याद रखें।
घर-परिवार की जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वाह करते हुए, एक-दो घण्टा समय निकाल कर प्रभु को पाने के लिये जो रास्ता बताय जा रहा है, करके अपने घर निकल चलो। महराज जी ने सुमिरन, ध्यान, भजन को विस्तार से समझाया। सबसे शाकाहारी-सदाचारी रहने और शराब जैसे नशा का त्याग करने का आग्रह किया।
पुसिल प्रशासन का शांति व्यवस्था में सहयोग रहा। इस अवसर पर जंगबहादुर सिंह यादव, राम अवध यादव, उदयलाल सोनी, रामाश्रय यादव, बबलू यादव, सहयोगी संगत के सतीश सिंह, अशोक निर्मल, शिव प्रकाश बब्बू आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के बाद जनजागरण यात्रा अपने अगले पड़ाव जीवपुर के लिये प्रस्थान कर गई। जहां कल (आज) दोप. 12 बजे से सत्संग कार्यक्रम आयोजित है।