Delhi: देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाके NCR और राजस्थान में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की गतिविधियों पर शिकंजा कसता जा रहा है. इसी कड़ी में दिल्ली क्राइम ब्रांच और राजस्थान पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने गैंग को बड़ा झटका दिया है. बिश्नोई गैंग के लिए शूटर और हथियार सप्लायर की भूमिका निभा रहा प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू आखिरकार पुलिस के जाल में फंस गया. गैंग के लिए फायरिंग से लेकर अवैध हथियारों की सप्लाई तक, गोलू लंबे समय से कानून एजेंसियों की रडार पर था.
4 करोड़ की फिरौती और फायरिंग
मार्च 2025 में लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने राजस्थान के जवाहर नगर (गंगानगर) के एक व्यापारी से 4 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी. जब व्यापारी ने पैसे देने से इंकार कर दिया, तो गैंग ने प्रदीप गोलू को फायरिंग का काम सौंपा. मई 2025 में प्रदीप ने अपने साथियों के साथ मिलकर व्यापारी के घर पर गोलियां चलाईं, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था.
हथियारों की सप्लाई
जमानत पर बाहर आने के बाद प्रदीप ने अपराध नहीं छोड़ा. वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अन्य सदस्यों को भारी मात्रा में अवैध हथियार और गोला-बारूद सप्लाई करने लगा. हाल ही में राजस्थान पुलिस ने गैंग के चार सदस्यों को हथियारों के बड़े जखीरे के साथ गिरफ्तार किया था, जिसमें जांच के दौरान पता चला कि इन हथियारों का मुख्य स्रोत प्रदीप उर्फ गोलू ही था.
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