Religion: सनातन धर्म में पापांकुशा एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं जो भी श्रद्धालु इस व्रत को करता है उसे हजार अश्वमेघ और सौ सूर्य यज्ञ के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है। महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को इस एकादशी व्रत का महत्व बताते हुए कहा था कि यह एकादशी पापों पर अंकुश लगाती है। इस दिन मौन रहकर भगवद् स्मरण और भजन-कीर्तन करने का विधान है। इस एकादशी पर उपवास, दान, जप और भक्ति का विशेष महत्व माना गया है।
कब है पापांकुशा एकादशी
पापांकुशा एकादशी – 22 अक्टूबर 2026, बृहस्पतिवार
एकादशी तिथि प्रारम्भ – 21 अक्टूबर 2026 को 02:11 PM बजे
एकादशी तिथि समाप्त – 22 अक्टूबर 2026 को 02:47 PM बजे
23 अक्टूबर को पारण का समय – 06:27 AM से 08:42 AM
पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय – 02:35 PM
पापांकुशा एकादशी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस एकादशी के बारे में स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि यह एकादशी पाप का निरोध करती है अर्थात पाप कर्मों से रक्षा करती है। इस व्रत को करने से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है।