Uttarakhand: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा में निर्माणाधीन सेटेलाइट एम्स कुमाऊं का पहला एम्स होगा, जो तेजी से निर्माण हो रहा है। 250 क्षमता वाले इस एम्स निर्माण से कुमाऊं ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्य यूपी के सीमावर्ती जिलों के लोगों के लिए भी यह वरदान साबित होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष, 2021 में किच्छा में सेटेलाइट एम्स की घोषणा की थी। इसके बाद भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू हुई। प्रक्रिया के दौरान खुरपिया में सौ एकड़ भूमि चिह्नित कर सेटेलाइट एम्स का ड्राफ्ट कागजों पर उतारा गया।
496 करोड़ का सेटेलाइट एम्स का प्रोजेक्ट
अक्टूबर 2023 को इस भूमि पर 496 करोड़ के सेटेलाइट एम्स के प्रोजेक्ट निर्माण प्रक्रिया प्रारंभ की गई। वही पहले चरण में 335 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। एम्स भवन उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। जिसके चलते 7.5 रिएक्टर स्केल का भूकंप भी सेटेलाइट एम्स के भवन का बाल भी बांका नहीं कर पाएगा सेटेलाइट एम्स का निर्माण कार्य समय से पूरा हो, इसके लिए लगातार मानीटरिंग की जा रही है।
250 शैय्याओं की क्षमता वाले सेटेलाइट एम्स
सेटेलाइट एम्स में250 शैय्याओं की क्षमता होगी जिससे आंतरिक रोगी विभाग (आईपीडी), सघन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू), अत्याधुनिक आपातकालीन एवं ट्रामा केंद्र तथा 10 आधुनिक आपरेशन थिएटर स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त अस्पताल में हृदय रोग, तंत्रिका रोग, गुर्दा रोग, मूत्र रोग, अस्थि रोग, सामान्य चिकित्सा, शिशु रोग सहित अनेक विशेषज्ञ विभाग संचालित किए जाएंगे। रोगियों की सुविधा के लिए आधुनिक पैथोलाजी प्रयोगशाला, उन्नत इमेजिंग एवं अन्य नैदानिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इसके संचालन से ऊधम सिंह नगर सहित नैनीताल, के लाखों लोगों को चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिलेगा।