UP News: उत्तर प्रदेश का प्रवेश द्वार गाजियाबाद अब एक ऐतिहासिक बदलाव की ओर बढ़ रहा है. करीब 2200 करोड़ रुपये की लागत से इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और एरोसिटी प्रोजेक्ट न केवल इस शहर की पहचान बदलने जा रहा है, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश को एक और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की सौगात मिलने जा रही है. इसके साथ ही यह क्षेत्र इतने बड़े स्तर के इंटीग्रेटेड अर्बन डेवलपमेंट मॉडल का हिस्सा बनेगा, जिससे गाजियाबाद प्रदेश का बड़ा पर्यटन केंद्र बनकर उभरेगा.
2014-15 में बनी थी योजना
दरअसल, परियोजना की रूपरेखा 2014-15 में तैयार की गई थी, लेकिन लंबे समय तक यह आगे नहीं बढ़ सकी. उस दौर में विकास की गति अपेक्षित नहीं रही. इस कारण गाजियाबाद को उसकी क्षमता के अनुरूप पहचान नहीं मिल पाई. पहले की सरकार के दौरान रही सुस्ती के कारण यह प्रोजेक्ट वर्षों तक ठहरा में रहा. अब योगी सरकार में इसे प्राथमिकता में रखते हुए तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है. इस योजना के तहत 37 एकड़ में करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम विकसित किया जाएगा. वहीं, इसके आसपास 380 एकड़ में लगभग 1800 करोड़ रुपये की लागत से एरोसिटी टाउनशिप बसाई जाएगी.
होंगे इंटरनेशनल क्रिकेट मैच
करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं से लैस किया जाएगा. इसमें करीब 30,000 से अधिक दर्शकों की क्षमता होगी. इसके साथ ही यहां आधुनिक मीडिया सेंटर और हाईटेक लाइटिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं होंगी. यह इसे अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाएंगी. इस स्टेडियम के बनने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पहली बार बड़े अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों की मेजबानी का अवसर मिलेगा.
बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर होंगे सृजित, बढ़ेगा निवेश
इस मेगा प्रोजेक्ट के पूरा होने से गाजियाबाद और पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को व्यापक आर्थिक लाभ मिलेगा. इसमें बड़े होटल, लक्जरी रिजॉर्ट्स, आधुनिक शॉपिंग मॉल, रिटेल जोन, हाई-टेक बिजनेस हब, ऑफिस स्पेस और एंटरटेनमेंट सेंटर विकसित किए जाएंगे. निर्माण से लेकर सर्विस सेक्टर तक बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे, निवेश बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी. यह परियोजना आने वाले समय में पश्चिमी यूपी के विकास की दिशा और गति दोनों तय करती नजर आएगी.
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