Rajasthan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के पचपदरा में देश की पहली ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी का लोकार्पण किया. इस अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल के साथ-साथ केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी मौजूद रहे. करीब 79,450 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस रिफाइनरी प्रोजेक्ट को न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है. पीएम मोदी ने रिफाइनरी के उत्पादों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया. इसके अलावा बीकानेर के 300 मेगावाट सौर ऊर्जा संयत्र का उदघाटन किया.
रिफाइनरी का महत्व
- पचपदरा में हर दिन करीब 1.8 लाख बैरल कच्चे तेल की सफाई की जाएगी, जो न्यूजीलैंड और वियतनाम जैसे देशों की कुल क्षमता से भी अधिक है.
- तेल के साथ-साथ यहां हर साल 2.4 मिलियन मीट्रिक टन मूल्यवान पेट्रोकेमिकल उत्पादों का निर्माण होगा.
- इस रिफाइनरी का ‘नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स’ 17.0 है. यानी ये दुनिया की सबसे उन्नत रिफाइनरियों में से एक है.
- भारत अपनी जरूरत के लिए अलग-अलग देशों से हल्का, भारी, गाढ़ा हर तरह का कच्चा तेल आयात करता है और ये रिफाइनरी सबको रिफाइन कर सकती है.
- इसका पेट्रोकेमिकल यील्ड 26% से अधिक है, जो वैश्विक स्तर पर इसे सबसे कुशल संयंत्रों की कतार में खड़ा करता है.
- इस मेगा प्रोजेक्ट में हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) की 74% और राजस्थान सरकार की 26% हिस्सेदारी शामिल है.
- यह प्लांट पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह से BS-VI ग्रेड के पेट्रोल और डीजल का उत्पादन करेगा.
- यह प्लांट पूरी तरह चालू होने से भारत के सालाना तेल आयात बिल में अरबों रुपये की बचत होने का अनुमान है.
- परियोजना के निर्माण और संचालन चरण को मिलाकर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को आजीविका मिली है.
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