Chhattisgarh: झारखंड में खूंखार नक्सली मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी के बाद नक्सली संगठन को बड़ा झटका लगा है, इसके बाद सक्रिय आठ माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़ कर बीजापुर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है. इनमें पांच महिला भी शामिल हैं. आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडर पर 49 लाख रुपए का ईनाम घोषित था.
सरेंडर करने वाले मुख्य नक्सली और इनाम
- अश्विन उर्फ लच्छू (30 वर्ष): डिवीजनल कमेटी मेंबर, 8 लाख रुपये
- रंगा उर्फ सोहन (30 वर्ष): डिवीजनल कमेटी मेंबर, 8 लाख रुपये
- डोबा मडवी उर्फ राहत (25 वर्ष): डिवीजनल कमेटी मेंबर, 8 लाख रुपये
- फग्नी पोयाम उर्फ रजनी (28 वर्ष): एरिया कमेटी मेंबर, 5 लाख रुपये
- सुरज मुन्नी चंपिया (25 वर्ष): एरिया कमेटी मेंबर, 5 लाख रुपये
- हिडमे कड़ती उर्फ रीता (27 वर्ष): एरिया कमेटी मेंबर, 5 लाख रुपये
- बुधरी कुंजाम उर्फ अनुषा (25 वर्ष): एरिया कमेटी मेंबर, 5 लाख रुपये
- साल्मी चंपिया उर्फ जिलानी (20 वर्ष): पार्टी मेंबर, 5 लाख रुपये
आत्मसमर्पण करने वालों के लिए सहायता
आत्मसमर्पण करने वाले सभी कैडरों को छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के अंतर्गत आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा, स्वरोजगार एवं रोजगार से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इसके अलावा उन्हें समाज में सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस की ओर से निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग किया जा रहा है, जिससे कि वे स्थायी रूप से मुख्यधारा के जीवन से जुड़ सकें.
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