छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 14 नक्सली ढेर

Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को आज बड़ी कामयाबी मिली है. सुरक्षाबलों ने नक्सलियों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया और कई घंटे तक सुकमा के जंगलों में मुठभेड़ जारी रही जिसमें जवानों ने 12 नक्सलियों को मौत के घाट उतार दिया है और दूसरी तरफ बिजापुर में भी ताबड़तोड़ कई घंटे तक गोलीबारी जारी रही जिसमें दो नक्सली ढेर हो गए है. मारे गए नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में कई हथियार भी बरामद हुए है.

सुकमा के जंगलों में बड़ा ऑपरेशन

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सुकमा जिले के दक्षिणी क्षेत्र के जंगलों में सुरक्षाबलों की एक संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी. इसी दौरान सुबह तड़के फायरिंग शुरू हुई, जो रुक-रुक कर चलती रही. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब तक सुकमा में 14 नक्सलियों को मार गिराया गया है. मौके से कई शव बरामद किए गए हैं. अधिकारी ने साफ किया कि ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है और पूरे इलाके की गहन सर्चिंग की जा रही है.

‘कुल 14 नक्सलियों के शव बरामद’

आईजी बस्तर पी सुंदरराज के अनुसार तलाशी अभियान के दौरान मुठभेड़ स्थल से अब तक 2 माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं. उन्होंने बताया कि बस्तर रेंज में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा कुल 14 नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं. बीजापुर जिले से 2, सुकमा जिले से 12 माओवादी कुल 14 माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं . मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में AK 47, INSAS, SLR Rifles जैसे हथियार भी बरामद किए गए.

2025 में मारे गए 285 नक्सली 

बता दें कि 2025 में छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ों में 285 नक्सली मारे गए. इनमें से 257 नक्सली बस्तर मंडल में मारे गए, जिसमें बीजापुर समेत 7 जिले शामिल हैं, जबकि 27 अन्य रायपुर मंडल के गरियाबंद जिले में मारे गए. इससे पहले 20 दिसंबर को सुरक्षा बलों ने सुकमा में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए थे. 

रेड कॉरिडोर से नक्सलवाद का सफाया

गृह मंत्री ने कहा था कि पशुपति से तिरुपति तक का यह इलाका कभी रेड कॉरिडोर के नाम से जाना जाता था. अपने चरम पर इस क्षेत्र में देश के 70 प्रतिशत इलाके शामिल थे और लगभग 12 करोड़ लोग नक्सलवाद के प्रभाव और खतरे में रहते थे. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने संवाद, सुरक्षा और समन्वय, तीनों पहलू पर काम करने की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि 31 मार्च 2026 तक इस देश से हथियारबंद नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा.

इसे भी पढ़ें:-CM नीतीश कुमार का बड़ा फैसला, बुजुर्गों को घर बैठे मिलेगा ECG से इमरजेंसी तक की सुविधाएं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *