24 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा

Weather Update Today: देश के कई राज्यों में मॉनसून पूरी तरह एक्टिव मोड में है.  भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत 24 राज्यों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान कुछ इलाकों में 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं.

दिल्ली-UP में तेज बारिश और आंधी

राजधानी दिल्ली में भी मौसम खराब रहने की संभावना है. यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और भारी बारिश देखने को मिल सकती है. दिल्ली में अधिकतम तापमान 33°C और न्यूनतम तापमान 27°C के आसपास रहने का अनुमान है.

यूपी का मौसम

उत्तर प्रदेश में भी कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है. गाजियाबाद, नोएडा, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर समेत 19 जिलों में करीब 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी बारिश होने की संभावना है.

बिहार का मौसम

बिहार में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा. पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत 22 जिलों में करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने के साथ गरज-चमक और भारी बारिश हो सकती है.

मध्य प्रदेश में बारिश का येलो अलर्ट

मध्य प्रदेश में 12 सितंबर को कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश का येलो अलर्ट है. नरसिंहपुर, देवास, नर्मदापुरम, भोपाल, इंदौर, खंडवा, गुना, मुरैना, श्योपुर, उज्जैन, विदिशा, अशोकनगर, नीमच, उमरिया, छिंदवाड़ा और कटनी समेत कई जिलों में बारिश हो सकती है. 

 पहाड़ी राज्यों में सावधानी है जरूरी

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश और तेज हवा का अलर्ट है. पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है. जम्मू-कश्मीर में भी कई जिलों में बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है. ऐसे में पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वालों को सावधानी बरतने की जरूरत है.

पूर्वोत्तर में मूसलाधार बारिश

पूर्वोत्तर भारत में भी 12 सितंबर को मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है. असम, त्रिपुरा, मेघालय, नागालैंड और सिक्किम में भारी बारिश की चेतावनी है. कई जगह गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ेगा. नदियों और छोटी धाराओं का जलस्तर भी बढ़ सकता है.

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