भारत पर ईरान का नरम रुख, तेल संकट के बीच खोला होर्मुज स्ट्रेट

Iran Opens Hormuz For India: ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के 27वें दिन भारत के लिए एक खुशी की खबर आई है. ईरान ने भारत सहित कुछ दोस्त देशों के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की परमीशन दे दी है. असल में यह वही रास्ता है, जिससे दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है.

बता दें कि मुंबई स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने भी सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि की और पोस्‍ट के दौरान लिखा कि ‘हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान सहित अपने मित्र देशों के लिए होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के सुरक्षित मार्ग की अनुमति दे दी है.’

ईरान से भारत को मिली बड़ी खबर

जानकारी के मुताबिक, यह फैसला भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी ज्यादा तेल जरूरतें खाड़ी से पूरी करता है. बताया जा रहा है कि रिलायंस जैसी कंपनियां पहले ही ईरान से तेल खरीद चुकी हैं. होर्मुज खुलने से तेल, गैस और उर्वरक की सप्लाई पर असर कम होगा, जिससे पेट्रोल-डीजल और खाद की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा. इसके साथ ही ईरान का कहना है कि गैर-दुश्मन जहाजों को गुजरने से पहले ईरानी अधिकारियों से समन्वय करना जरूरी होगा और वे ईरान के खिलाफ कोई गतिविधि नहीं कर सकते.

ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने कहा

ऐसे में मीडिया से बातचीत के दौरान ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने एक इंटरव्यू में बताया कि कई देशों के जहाज मालिकों ने उनसे संपर्क किया और सुरक्षित मार्ग की मांग की और ये भी कहा कि ‘कुछ देश जो हमारे मित्र हैं या जिनके साथ हमने फैसला किया, उनके जहाजों को हमारे सशस्त्र बलों ने सुरक्षित गुजरने दिया. आपने देखा होगा चीन, रूस, पाकिस्तान, इराक और भारत. भारत के दो जहाज कुछ रात पहले गुजरे और यह आगे भी जारी रहेगा, साथ ही उन्‍होंने ये भी कहा कि युद्ध के बाद भी.’

इन देशों के जहाजों को दी जाएगी अनुमति

इस मामले को लेकर अराघची ने स्‍पष्‍ट शब्‍दों में कहा कि अमेरिका, इजरायल और उन खाड़ी देशों के जहाजों को अनुमति नहीं दी जाएगी जो इस जंग में शामिल हैं. उनका मानना है कि इस क्षेत्र को युद्ध क्षेत्र माना जा रहा है. ऐसे में दुश्मन और उनके सहयोगी जहाजों को गुजरने देने का कोई कारण नहीं है. लेकिन दूसरे देशों के लिए रास्ता खुला रहेगा.’

ट्रंप ने ईरान को भेजा 15 सूत्रीय प्‍लान

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले टाल दिए हैं और 15 सूत्रीय शांति प्लान भेजा है, लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ क्‍योंकि ईरान अभी भी सख्त रुख पर है और पाकिस्तान की मध्यस्थता को खारिज कर चुका है. ऐसे में पीएम मोदी ने ट्रंप से बात की थी और हॉर्मुज को सुरक्षित रखने की अपील की थी. बता दें कि ईरान का यह कदम भारत की कूटनीति और दोस्ताना रिश्तों का नतीजा माना जा रहा है.

होर्मुज बंद होने से सप्लाई बुरी तरह प्रभावित

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार यह फैसला संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की अपील के बाद आया है. इस मामले को लेकर गुटेरेस का कहना है कि होर्मुज लंबे समय तक बंद रहने से तेल, गैस और उर्वरकों की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है. विशेष रूप से इस मौसम में जब दुनिया भर में खेती-बुवाई चल रही है, इससे आम लोगों को नुकसान हो रहा है. ऐसे में हालात को देखते हुए उन्होंने युद्ध तुरंत खत्म करने की अपील की थी.

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