उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन-पीएम मोदी ने किया यीशु मसीह के बलिदान को याद, ओम बिरला ने भी किया पोस्ट

Good friday: गुड फ्राइडे ईसाई धर्म का एक महत्वपूर्ण दिन है. ‘गुड फ्राइडे’ के मौके पर दिग्गज नेताओं ने यीशु मसीह के बलिदान को याद किया है. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ओम बिरला ने अपने-अपने एक्स अकाउंट पर देशवासियों के लिए मैसेज लिखा है. तो चलिए विस्तार से जानते हैं उन्होंने क्या कहा?

यीशु मसीह के बलिदान को किया याद

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि गुड फ्राइडे का यह पवित्र दिन हमें यीशु मसीह के बलिदान की याद दिलाता है और उनके प्रेम, करुणा व क्षमा के शाश्वत संदेश पर चिंतन करने का अवसर देता है. उन्होंने कहा कि यीशु का जीवन हमें विनम्रता, निस्वार्थता और नेकी के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है. साथ ही उन्होंने कामना की कि यह दिन समाज में सद्भाव और दयालुता को बढ़ाने के संकल्प को मजबूत करे.

पीएम मोदी ने देशवासियों को दिया संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुड फ्राइडे के अवसर पर देशवासियों को संदेश दिया. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह दिन ईसा मसीह के बलिदान की याद दिलाता है और हमें उनके बताए मूल्यों पर चलने की प्रेरणा देता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि गुड फ्राइडे हमें सद्भाव, करुणा और क्षमा जैसे मूल्यों को और गहराई से अपनाने का अवसर देता है. भाईचारा और आशा हम सभी का मार्गदर्शन करें.

ओम बिरला ने ईसा मसीह को किया याद

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी गुड फ्राइडे पर ईसा मसीह को याद किया. उन्होंने लिखा, “गुड फ्राइडे के इस पवित्र दिन पर, हम ईसा मसीह के उस सर्वोच्च बलिदान को याद करते हैं, जिन्होंने मानवता के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए. कामना है कि यह दिन हमें दयालुता अपनाने, हमारे विश्वास को मजबूत करने और चारों ओर सद्भाव फैलाने के लिए प्रेरित करे.”

तरनजीत सिंह संधू ने गुड फ्राइडे के अवसर पर दीं शुभकामनाएं

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने गुड फ्राइडे के अवसर पर शुभकामनाएं दीं और प्रार्थना की कि ईसा मसीह की ओर से किए गए इस सर्वोच्च बलिदान का दिन शांति, सद्भाव और सेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करे और एक अधिक दयालु और समावेशी दुनिया बनाने में हमारा मार्गदर्शन करे.

क्या है गुड फ्राइडे का महत्व?

गुड फ्राइडे उस दिन को याद करने के लिए मनाया जाता है जब यीशु मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था. यह घटना ईसाई धर्म में बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि माना जाता है कि यीशु ने मानवता के पापों के लिए अपना बलिदान दिया.

हैप्पी गुड फ्राइडे’ क्यों नहीं कहते?

गुड फ्राइडे खुशी का नहीं, बल्कि शोक और आत्मचिंतन का दिन होता है. इस दिन लोग यीशु मसीह के बलिदान को याद करते हैं और प्रार्थना करते हैं. इसी वजह से इस दिन हैप्पी शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाता, क्योंकि यह खुशी जताने वाला शब्द है, जबकि यह दिन गंभीर और भावनात्मक होता है.

फिर ‘गुड’ क्यों कहा जाता है?

अब सवाल आता है कि जब यह दुख का दिन है, तो इसे ‘गुड फ्राइडे’ क्यों कहते हैं? दरअसल, यहां ‘गुड’ का मतलब ‘पवित्र’ या ‘महान’ होता है. ईसाई मान्यता के अनुसार, यीशु का बलिदान मानवता के लिए अच्छा (good) था, क्योंकि इससे लोगों को मुक्ति का मार्ग मिला.

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