संत महात्माओं को पता है प्रभु के घर जाने का दरवाजा: पंकज जी महाराज

Ghazipur: जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के मुख्यालय मथुरा से संस्थाध्यक्ष संत पंकज जी महाराज के सानिध्य में निकली जनजागरण यात्रा का कल सायंकाल सादात ब्लाक के अल्मेदपुर, निन्दीपुर में 62वां पड़ाव हुआ। आज यहां आयोजित सत्संग समारोह में उन्होंने कहा कि यदि सब लोग अपना-अपना काम मेहनत-ईमानदारी से करने लगे तो यह देश स्वर्ग बन जाय। आत्मा-परमात्मा के गूढ़ रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आपको नहीं पता यह मनुष्य शरीर हमको क्यों मिला, इसे पाने का उद्देश्य क्या है, मरने के बाद हम कहां जायेंगे और जन्म से पहले हम कहां थे।

जन्म-जन्म के कर्मों के अनुसार चार लाख चौरासी हजार योनियों में कितने समय तक हम जन्म-मरण की दुःखद पीड़ा झेलते रहे। नर्कों में कितने काल तक हमको यातनायें दी गईं। अन्त में मालिक ने दया करके हमें यह मुनष्य शरीर दे दिया। जिसमें से होकर जीव को अपने घर जाने का दरवाजा है, जिसका भेद केवल सन्त महात्माओं को पता है। अगर दुनिया में हमारा कोई दुश्मन है, वह हमारा मन है। यह मन रूपी रावण तब मरेगा जब आप सुरत शब्द नाम योग की साधना का मार्ग किसी महात्मा से लेकर साधना-भजन करके नौ द्वारों पर फतेह करके 10वें द्वार पर पहुंच जायेंगे। तभी सही मायने में दशहरा मनाया जायेगा। लकड़ी व कागज का पुतला फूंक कर जो दशहरा मनाते हो वह असली दशहरा नहीं है।

शरीर को भोजन देते हो, सजाते संवारते हो। आत्मा का भोजन भजन है। नियमित बताये गये रास्ते से साधना भजन करोगे तो मन रुकने लगेगा। साधना में बैठते समय शुरु शुरु में लगता है कि अन्तर में कुछ नहीं है। जहां सुरत बैठी है, वहां अंधेरा है। इसलिये जब साधन में बैठो तो बाहर की आंखों को बन्द करे अन्तर में अपनी दृष्टि को एक जगह रोको तब उस अंधेरे में एक काला तिल दिखाई देगा, जो ऊपर चढ़ने का दरवाजा है। अच्छे समाज के निर्माण के लिये लोगों को शाकाहारी, सदाचारी रहने के साथ-साथ शराब जैसे नशे से दूर रहना होगा। हमारी संस्था जनहित व आत्म कल्याणकारी कर्मों को करने में लगातार लगी हुई है।

आगामी 3 से 5 मार्च तक जयगुरुदेव आश्रम, आगरा-दिल्ली मथुरा बाईपास पर आयोजित होने वाले होली सत्संग महोत्सव में भाग लेने के लिये सभी को आमन्त्रित किया। कार्यक्रम में आने और समय देने के लिये सभी को साधुवाद कहते हुये उज्वल भविष्य की मंगल कामना किया। शांति व्यवस्था में पुलिस प्रशासन का सहयोग रहा।

इस अवसर पर शिवनारायण चौहान, प्रधान अजीत यादव, हवलदार यादव, सुभाष यादव, अजीत यादव, लोकनाथ यादव, अवनीश यादव, .बबलू सोनकर, सन्तोष यादव, राम अधार यादव, दुर्गेश यादव, सहयोगी संगत श्रावस्ती जिलेदार मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद जनजागरण यात्रा अगले पड़ाव रईसपुर (रायसपुर) देवकली, ब्लाक सादात के लिये प्रस्थान कर गई। यहां कल (आज) दोप. 12 बजे से सत्संग कार्यक्रम आयोजित है।

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