Health care: आज के समय में मोबाइल फोन जहां सुविधा का साधन बना है, वहीं इसका दुरुपयोग समाज के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। खासकर बच्चों और युवाओं में मोबाइल की लत खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, छात्र पढ़ाई के बजाय दिन-रात रील्स, गेम और सोशल मीडिया में उलझे रहते हैं, जिससे उनकी एकाग्रता, आंखों की रोशनी और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। कई बच्चे देर रात तक मोबाइल चलाने से नींद पूरी नहीं कर पाते, जिससे चिड़चिड़ापन और अवसाद जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
वहीं साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि मोबाइल के दुरुपयोग से साइबर ठगी, अश्लील सामग्री का प्रसार और निजी डेटा लीक होने का खतरा भी बढ़ गया है। लोग अनजाने में गलत लिंक पर क्लिक कर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को मोबाइल का सीमित और सदुपयोग सिखाएं।”मोबाइल साधन है, साध्य नहीं। आवश्यकता होने पर ही इसका उपयोग करें, दिखावे और लत के लिए नहीं।”