भारत में जल्द शुरू होगा 10 और 20 रुपए के पॉलीमर नोट, सरकार ने दी ट्रायल की मंजूरी

Polymer Bank Note: केंद्र सरकार ने मुद्रा प्रणाली को अधिक टिकाऊ और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है. 10 और 20 रुपये के 100-100 करोड़ पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों को फील्ड ट्रायल के लिए जारी करने की मंजूरी दे दी है। संजय मल्होत्रा के अनुसार, आरबीआई का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027-28 तक पॉलीमर नोटों को प्रचलन में लाना है। यदि ट्रायल सफल रहता है, तो यह भारतीय मुद्रा प्रणाली में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

आरबीआई ने सरकार को भेजा था प्रस्ताव

राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपने केंद्रीय निदेशक मंडल की सिफारिश के आधार पर RBI अधिनियम, 1934 की धारा 25 के तहत पॉलीमर नोटों के फील्ड ट्रायल का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था. इस प्रस्ताव में फील्ड ट्रायल के सफल रहने की स्थिति में 10 और 20 रुपये के पॉलीमर नोटों को नियमित रूप से जारी करने की योजना भी शामिल है. वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. RBI के अनुसार, ट्रायल के तहत पॉलीमर बैंक नोटों को मौजूदा कागज आधारित नोटों के साथ समानांतर रूप से जारी करने का प्रस्ताव है.

पॉलीमर नोटों के 3 बड़े फायदे

30 साल तक सुरक्षित और लंबी उम्र: ₹10 और ₹20 के सामान्य कागजी नोट हाथों-हाथ घूमने, जेब में मुड़ने या पसीने से 1-2 साल में ही गल या फट जाते हैं। इसके विपरीत पॉलीमर नोट बेहद मजबूत होते हैं और लगभग 30 साल तक पूरी तरह सुरक्षित रह सकते हैं।

बार-बार छपाई का खर्च बचेगा: नोटों की उम्र लंबी होने के कारण रिजर्व बैंक को बार-बार नए नोट छापने और पुराने कटे-फटे नोटों को नष्ट करने में होने वाले अरबों रुपये के खर्च की बचत होगी।

पानी और गंदगी का असर नहीं: ये नोट पानी, बारिश या चाय-कॉफी गिरने पर भी खराब नहीं होते। प्लास्टिक की सतह होने से इन पर धूल या गंदगी नहीं चिपकती और इन्हें आसानी से पोंछकर साफ किया जा सकता है।

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