Puskar/Rajasthan: परम पूज्य संत श्री दिव्य मोरारी बापू ने कहा कि ईश्वर के नाम चाहे अनेक हों, ईश्वर तो एक है। सर्वोपरि परमात्मा को ही कोई कृष्ण कहता है, कोई राम कहता है, कोई शिव कहता है, और कोई जगदम्बा कहता है। प्रभु निराकार भी है, साकार भी हैं, सर्वाकर भी है। प्रभु से कुछ छिपा नहीं सकते। वह तो तन की बात भी जानते हैं और मन की बात भी जानते हैं।
मन के पापों की खबर चाहे दुनियां को न हो, प्रभु को तो उनकी खबर होती है। आज से निश्चय करो- काम पर विजय प्राप्त करनी है, श्री राम के चरणों में समर्पित होना आवश्यक है। प्रभु बहुत उदार हैं। वे नास्तिक को भी पवन, पानी एवं प्रकाश प्रदान करते हैं।
सभी हरि भक्तों को पुष्कर आश्रम एवं गोवर्धनधाम आश्रम से साधु संतों की शुभ मंगल कामना, श्री दिव्य घनश्याम धाम, श्री गोवर्धन धाम कॉलोनी, बड़ी परिक्रमा मार्ग, दानघाटी, गोवर्धन, जिला-मथुरा, (उत्तर-प्रदेश) दिव्य मोरारी बापू धाम सेवा ट्रस्ट, गनाहेड़ा, पुष्कर जिला-अजमेर (राजस्थान).