Country: मौसम का मिजाज बदलते ही देश के कई राज्यों में लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, कहीं तेज आंधी के साथ बारिश की आशंका है, तो कहीं ओलावृष्टि किसानों की चिंता बढ़ा सकती है. उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के मौसम पर नजर बनी हुई है, जानिए 29 अक्टूबर को देशभर के मौसम का पूरा हाल।
23 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट
मौसम संबंधी पूर्वानुमान में उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के आसपास पश्चिमी विक्षोभ तथा चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से कई क्षेत्रों में मौसम बदलने की आशंका जताई गई है, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, सिक्किम, असम, त्रिपुरा, नागालैंड और मिजोरम में मौसम की गतिविधियों पर नजर रखने की जरूरत है।
मौसम विभीग ने कुछ क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवाएं और ओलावृष्टि की संभावना भी जताई है. हालांकि, सभी 23 राज्यों में चक्रवाती तूफान आने, अगले 8 घंटों में व्यापक तबाही होने या 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है, अपने जिले में जारी वास्तविक चेतावनी जानने के लिए मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन को देखना जरूरी है।
उत्तरी राज्यों में मौसम का हाल
उत्तर प्रदेश में मौसम को लेकर लोगों की नजरें बारिश और तेज हवाओं की संभावना पर टिकी हैं, वाराणसी, प्रयागराज, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, मथुरा, कानपुर, गोरखपुर, देवरिया और जौनपुर समेत कई जिलों के मौसम में बदलाव की आशंका जताई गई है, दिए गए विवरण में 24 जिलों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश होने का दावा किया गया है, लखनऊ का अधिकतम तापमान 29°C और न्यूनतम तापमान 22°C बताया गया है, इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
बिहार के पटना, गया, सिवान, बेगूसराय, भागलपुर, दरभंगा और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में मौसम बदलने की संभावना का उल्लेख किया गया है, दिए गए विवरण के अनुसार, 22 जिलों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, पटना का अधिकतम तापमान 24°C तक रहने का अनुमान बताया गया है, लोगों को बारिश और तेज हवाओं से संबंधित स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।
झारखंड के रांची, धनबाद, देवघर, खूंटी और बोकारो समेत कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है, उपलब्ध विवरण में हवा की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और अगले 48 घंटों तक भारी बारिश होने का दावा किया गया है, हालांकि, इस चेतावनी की पुष्टि संबंधित जिलों के आधिकारिक मौसम पूर्वानुमान से की जानी चाहिए,
पश्चिम बंगाल कोलकाता, दार्जिलिंग और हावड़ा में मौसम बदलने की संभावना बताई गई है, दिए गए विवरण में हवा के झोंकों की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का दावा किया गया है, बारिश या तेज हवाओं की आशंका होने पर लोगों को यात्रा के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए।
प्रमुख शहरों में आज का तापमान
| शहर | अधिकतम तापमान (29 अक्टूबर) | न्यूनतम तापमान (29 अक्टूबर) |
| दिल्ली | 27°C | 19°C |
| मुंबई | 33°C | 26°C |
| चेन्नई | 32°C | 26°C |
| कोलकाता | 28°C | 24°C |
| लखनऊ | 29°C | 22°C |
| पटना | 24°C | 22°C |
| रांची | 21°C | 20°C |
| भोपाल | 28°C | 21°C |
| जयपुर | 28°C | 20°C |
| शिमला | 21°C | 12°C |
| नैनीताल | 21°C | 14°C |
दिल्ली-एनसीआर से लेकर पहाड़ों तक मौसम का अपडेट
दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में मौसम के संभावित बदलाव को लेकर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं, दिए गए विवरण में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश होने की आशंका जताई गई है, राजधानी का अधिकतम तापमान 27°C और न्यूनतम तापमान 19°C बताया गया है, हालांकि, तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी की पुष्टि के लिए आधिकारिक मौसम बुलेटिन देखना जरूरी है।
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में बारिश होने पर सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है, नैनीताल, हरिद्वार, मनाली, शिमला, बारामूला और श्रीनगर जैसे क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति की जानकारी लेकर निकलना चाहिए, बारिश के दौरान संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन और सड़क पर फिसलन का खतरा बढ़ सकता है, उपलब्ध विवरण में मनाली का न्यूनतम तापमान -1°C तक पहुंचने का अनुमान भी दिया गया है, जिसकी पुष्टि आधिकारिक पूर्वानुमान से होनी चाहिए।
राजस्थान के जयपुर, कोटा और उदयपुर के साथ मध्य प्रदेश के इंदौर और भोपाल में मौसम में बदलाव की संभावना बताई गई है, दिए गए विवरण में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश होने का दावा किया गया है, इन क्षेत्रों में मौसम की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जिलेवार पूर्वानुमान देखना जरूरी है।
किसानों और यात्रियों के लिए जरूरी सावधानी
तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति में खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है, किसानों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार कटाई, सिंचाई और फसल की सुरक्षा से जुड़े फैसले लेने चाहिए, तेज हवा चलने के दौरान कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और अस्थायी ढांचों से दूर रहना भी जरूरी है, यात्रियों को खराब मौसम की आशंका होने पर अनावश्यक सफर से बचना चाहिए, बारिश के दौरान सड़क पर फिसलन, कम दृश्यता और यातायात में देरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं, यदि किसी इलाके में मौसम विभाग की ओर से आंधी या भारी बारिश की चेतावनी जारी की जाती है, तो स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
कल कैसा रहेगा मौसम
मौसम के अगले 24 से 48 घंटों के पूर्वानुमान को लेकर भी लोगों की नजरें बनी हुई हैं, उपलब्ध विवरण में कुछ क्षेत्रों में मौसम का असर अगले 24 से 48 घंटों तक बने रहने की आशंका जताई गई है, हालांकि, सभी राज्यों में बारिश या चक्रवाती गतिविधियों के लगातार जारी रहने की पुष्टि नहीं की गई है, कल का मौसम कैसा रहेगा, इसका सटीक आकलन संबंधित शहर और जिले के ताजा मौसम बुलेटिन के आधार पर ही किया जा सकता है।