चोरबागान भगदड़ के बाद एक्शन में आई शुभेंदु सरकार, जांच के दिए आदेश, CCTV से खुलेगा हादसे का राज

West Bengal: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के उत्तर हिस्से में स्थित चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ ने उत्सव के माहौल को मातम में बदल दिया, शनिवार की शाम करीब 7:40 बजे बारिश शुरू होने के बाद पंडाल में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी, संकरे प्रवेश और निकास मार्गों पर भीड़ का दबाव बढ़ा और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। कई लोगों के गिरने के बाद भगदड़ मच गई, इस हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत हुई है, जबकि 35 लोग घायल बताए गए हैं। घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी, पुलिस हादसे की वजह का पता लगाने के लिए CCTV फुटेज खंगाल रही है।

हादसे की वजह जानने के लिए जांच, सुरक्षा व्यवस्था भी रडार पर

जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पंडाल में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं, प्रवेश और निकास के रास्तों की व्यवस्था, निजी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि हादसे की मुख्य वजह बारिश के बाद अचानक बढ़ी भीड़ थी, संकरे रास्ते थे या सुरक्षा प्रबंधन में कोई चूक हुई, जांच पूरी होने के बाद ही इन सवालों के जवाब सामने आ सकेंगे।

मृतकों के परिवारीजनो और घायलों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान 

हादसे के बाद प्रभावित परिवारों की मदद के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा किए जाने की जानकारी सामने आई है, जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये की सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की घोषणा की है, इसके अलावा, घायलों को 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने और उनके इलाज का खर्च उठाने की बात भी कही गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) के माध्यम से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा किए जाने की जानकारी दी गई है।

हादसे के बाद पूजा समिति के पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा

चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा समिति के महासचिव सहित कुछ अन्य पदाधिकारियों के इस्तीफा देने की खबर भी सामने आई है, हालांकि, हादसे के लिए किसकी जिम्मेदारी बनती है और सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक हुई थी या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

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