प्रेमानंद महाराज ने ‘हनुमान अंश’ के मेकर्स को दी चेतावनी, कहानी और किरदारों पर कही ये बड़ी बात

Hanuman Ansh: हनुमान अंश के निर्माताओं ने नीम करोली बाबा की कहानी को पर्दे पर उतारने से पहले प्रेमानंद महाराज से आध्यात्मिक मार्गदर्शन लिया. प्रेमानंद महाराज ने हनुमान अंश टीम को एक चेतावनी भी दी, जिसमें उन्होंने नाटकीय प्रभाव या लोकप्रियता के लिए किसी संत के जीवन और शिक्षाओं को विकृत करने के खिलाफ़ आगाह किया. 1.8 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने 25 दिनों में 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है.

प्रेमानंद महाराज से डायरेक्टर अनुप्रिया की वार्तालाप

हनुमान अंश की डायरेक्टर अनुप्रिया ने प्रेमानंद महाराज से पूछा कि क्या धार्मिक मार्ग का अनुसरण करते हुए फिल्म बनाना स्वयं में एक प्रकार की सेवा मानी जा सकती है. जवाब में, उन्होंने चेतावनी दी कि महान आध्यात्मिक हस्तियों के जीवन को चित्रित करना एक जिम्मेदारी के साथ आता है. कहीं किसी महापुरुष के चरित्र में ऐसी, कुछ भी दृश्य या कोई भी ऐसा अभिनय ना प्रस्तुत किया जाए, जो अपराध लग जाए.

‘केवल लोकप्रियता हासिल करने के लिए कुछ भी न जोड़ें’

नीम करोली बाबा के बारे में विशेष रूप से बोलते हुए, प्रेमानंद महाराज ने कहा कि ऐसे आत्मज्ञानी व्यक्ति की आध्यात्मिक अवस्था का सही मायने में अनुकरण करना संभव नहीं है. उन्होंने फिल्म निर्माताओं को सलाह दी कि वे बाबा के बारे में जो कुछ भी पढ़ें और सुनें, उसी पर टिके रहें और फिल्म को अधिक आकर्षक बनाने के लिए उसमें अपुष्ट तत्वों को न जोड़ें. फिल्म निर्माताओं को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि संत के जीवन को किस प्रकार प्रस्तुत किया जाता है.

आध्यात्मिक लोगों की संगति में समय बिताने का सुझाव

प्रेमानंद महाराज ने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी महान आध्यात्मिक व्यक्तित्व के जीवन पर फिल्म बनाने वाले फिल्मकारों को उस भूमिका को पूरी ईमानदारी से निभाना चाहिए. उन्होंने आध्यात्मिक साधना, अनुशासित और सात्विक जीवनशैली, संतों के जीवन का अध्ययन और आध्यात्मिक लोगों की संगति में समय बिताने का सुझाव दिया.

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