राज्यसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश और कर्नाटक से बीजेपी प्रत्याशियों का ऐलान, विधान परिषद के लिए भी दो नाम पर लगी मुहर

New Delhi: भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा और कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के लिए चार प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया है। दो उम्मीदवार कर्नाटक और मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद बनने के दावेदार हैं। बीजेपी की तरफ से बताया गया कि भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने कर्नाटक और मध्य प्रदेश में होने वाले राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव और कर्नाटक के विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए चार नामों पर अपनी स्वीकृति प्रदान की है। मध्य प्रदेश से महेश केवट का नाम राज्यसभा चुनाव के लिए दिया गया है। वहीं, कर्नाटक से प्रो. डॉ. एम नागराजन राज्यसभा उम्मीदवार हैं। कर्नाटक में विधान परिषद चुनाव भी होना है। जिसके लिए भी बीजेपी ने दो उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है। इसमें लिंगराज पाटील और रघु कौटिल्य शामिल हैं। बीजेपी उम्मीदवारों के नाम का आधिकारिक ऐलान राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने किया।

कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को बनाया उम्मीदवार

मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन कांग्रेस को बीजेपी प्रत्याशी महेश केवट के खिलाफ राज्यसभा उम्मीदवार बनाया गया है। मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होने हैं। इनमें से दो सीटों पर बीजेपी उम्मीदवारों की जीत तय है। वहीं, तीसरी सीट के लिए बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबला होगा। तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल पहले ही बीजेपी उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए पर्चा दाखिल कर चुके हैं। मध्यप्रदेश की कुल 230 सदस्यीय विधानसभा में प्रभावी वोटों की संख्या 228 है। इसमें भाजपा के 164 और कांग्रेस के 64 विधायक हैं। हालांकि, कांग्रेस के विधायकों की संख्या 62 पर ही सिमट गई है। क्योंकि, विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान पर रोक लगी है और बीना से विधायक निर्मला सप्रे के मतदान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, उनका झुकाव भाजपा की तरफ है।

 

18 जून को होंगे राज्यसभा का चुनाव

अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, मणिपुर और कर्नाटक सहित 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीट के लिए चुनाव 18 जून को मतदान होंगे। कर्नाटक विधान परिषद का चुनाव भी 18 जून को होगा। मध्य प्रदेश में एक उम्मीदवार को सांसद बनाने के लिए 58 वोटों की जरूरत है। ऐसे में बीजेपी के दो उम्मीदवारों का जीतना तय है और तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए कांग्रेस के पास पर्याप्त वोट हैं, लेकिन बीजेपी ने तीसरा उम्मीदवार उतारकर कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे मामलों में हमेशा क्रास वोटिंग होने की संभावना रहती है।

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