Technology: अब Namo Bharat स्टेशनों पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है. अगर कोई लिफ्ट में फंस जाता है तो अब उसे मदद के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने एक नया AI आधारित सिस्टम तैयार किया है जो ऐसी स्थिति को बेहद कम समय में पहचानकर तुरंत अलर्ट भेज देता है. इस तकनीक को गाजियाबाद जैसे स्टेशनों पर लागू किया जा रहा है ताकि यात्रियों की सुरक्षा और रेस्क्यू स्पीड बेहतर हो सके.
कैसे काम करता है यह AI सिस्टम?
यह स्मार्ट सिस्टम लिफ्ट एरिया में लगे कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखता है. अगर कोई व्यक्ति लिफ्ट में फंस जाता है तो यह तकनीक लगभग 60 सेकंड के भीतर स्थिति को पहचान लेती है और तुरंत ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (OCC) को सूचना भेज देती है. साथ ही लिफ्ट के पास अलार्म भी बजने लगता है जिससे स्टाफ तुरंत सक्रिय हो सके. अगर फिर भी समय पर कार्रवाई नहीं होती तो सिस्टम अलर्ट को और गंभीर स्तर पर ले जाता है जिससे तुरंत प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके.
पहले से कितना अलग है यह सिस्टम?
पहले अगर कोई लिफ्ट में फंसता था तो उसे खुद अलार्म बटन दबाना पड़ता था या इंटरकॉम के जरिए मदद मांगनी पड़ती थी. यह पूरा प्रोसेस व्यक्ति की एक्टिविटी पर निर्भर करती थी. लेकिन अब AI की मदद से यह सिस्टम खुद ही स्थिति को पहचानकर अलर्ट जारी करता है जिससे रेस्क्यू प्रोसेस पहले से कहीं ज्यादा तेज और ऑटोमैटिक हो गया है.
इंटरनेट के बिना भी करेगा काम
इस सिस्टम की खास बात यह है कि यह मौजूदा CCTV नेटवर्क पर आधारित है और इसे काम करने के लिए इंटरनेट या क्लाउड सर्विस पर निर्भर नहीं रहना पड़ता. सारी जानकारी एक सुरक्षित लोकल सिस्टम में प्रोसेस होती है जिससे यात्रियों की प्राइवेसी भी बनी रहती है और नेटवर्क की समस्या होने पर भी यह तकनीक बिना रुकावट काम करती रहती है.
भविष्य में और जगहों पर भी होगा इस्तेमाल
NCRTC का मानना है कि यह तकनीक सिर्फ मेट्रो स्टेशनों तक सीमित नहीं रहेगी. आने वाले समय में इसका इस्तेमाल रेलवे स्टेशन, अस्पताल, एयरपोर्ट और बड़े कमर्शियल बिल्डिंग्स में भी किया जा सकता है. यह AI सिस्टम यात्रियों की सुरक्षा को एक नए स्तर पर ले जाता है. अब लिफ्ट में फंसना उतना डरावना नहीं रहेगा क्योंकि मदद पहले से कहीं ज्यादा तेजी से पहुंचने वाली है.
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