J&K: जम्मू-कश्मीर सहित आसपास के इलाकों में 15 मार्च को भारी बर्फबारी हुई जिसके कारण कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा. अनंतनाग जिले में स्थित सिंथन टॉप पर भारी बर्फबारी के बीच फंसे 200 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया है. जिनमें स्कूली बच्चे भी शामिल थे. भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक संयुक्त अभियान के तहत इन लोगों का रेस्क्यू किया.
कैसे हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन?
भारतीय सेना के अनुसार, 19 राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस (अनंतनाग) के साथ मिलकर सिंथन दर्रे पर बचाव अभियान शुरू किया. यह कदम तब उठाया गया जब लगातार हो रही बर्फबारी, सड़कों के फिसलन भरे होने और बहुत कम विजिबिलिटी (दिखाई देने की क्षमता) के कारण कई वाहन और यात्री वहां फंस गए थे. कठिन मौसम की परिस्थितियों और दुर्गम रास्तों का सामना करते हुए संयुक्त टीमों ने 214 फंसे हुए पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर उन्हें वहां से निकालने में सफलता हासिल की.
क्यों बार-बार होती है ऐसी स्थिति?
जानकारी के अनुसार, नेश्नल हाई-वे 244, जो किश्तवाड़ जिले को कश्मीर घाटी के अनंतनाग से जोड़ता है, पर अचानक मौसम खराब हो गया. सिन्थन टॉप करीब 12 हजार फीट और मार्गन टॉप लगभग 14 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं, जहां भारी बर्फबारी के कारण वाहन रुक गए. मौसम विभाग की खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद कई लोग इस मार्ग से यात्रा कर रहे थे. जब वाहन पहाड़ी दर्रों तक पहुंचे, तब अचानक बर्फबारी शुरू हो गई और रास्ता पूरी तरह बंद हो गया.
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